
कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी की वारदात को लेकर जारी रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल दिल्ली में मंगलवार को भी जारी रही। एम्स जैसे बड़े सरकारी अस्पतालों में लगातार नौंवे दिन मरीज परेशान रहे।
अकेले एम्स में हड़ताल की वजह से होने वाली सर्जरी की संख्या 85 फीसदी तक कमी देखी गई। हालांकि राहत की बात यह कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है।
आरडीए के उपाध्यक्ष दीपक ने अपने आधिकारिक बयान में कहा- हम आपको अपनी हड़ताल के समापन की औपचारिक सूचना देने के लिए लिख रहे हैं। यह निर्णय भारत के रेजिडेंट डॉक्टरों की सभी महत्वपूर्ण मांगों को सरकार की ओर से स्वीकार किए जाने के मद्देनजर लिया गया है। पूरा चिकित्सा समुदाय देशवासियों के साथ खड़ा है। हाल ही में इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी देश हित को देखते हुए मामले का स्वतः संज्ञान लिया है।
जारी बयान में यह भी कहा गया है कि स्वास्थ्य मंत्रालय और चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय ने भरोसा दिया है कि चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए सभी जरूरी मंजूरियां प्राप्त कर ली गई हैं। मांगों को लागू करने के लिए 45 दिन की समयसीमा तय की गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी केंद्रीय सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा कड़ी करने और राज्य सरकारों को एडवाइजरी जारी करने का भी वादा किया है।