अफसर के रेपकांड पर क्यों BJP और AAP में टकराव; बांसुरी का दावा, आतिशी का इनकार

दिल्ली की महिला एवं बाल विकास मंत्री आतिशी (Atishi) ने सोमवार को भाजपा के उन आरोपों से इनकार किया जिसमें कहा गया है कि उनके विभाग ने अपने दोस्त की नाबालिग बेटी के साथ कई महीनों तक दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार अधिकारी को ओएसडी के रूप में नियुक्त किया है।आतिशी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा- यह बिल्कुल झूठी बात है। आरोपी अधिकारी ने कभी भी मेरे साथ ओएसडी के रूप में काम नहीं किया है।दिल्ली की मंत्री आतिशी ने कहा- यह एक चौंकाने वाली घटना है क्योंकि आरोपी महिला एवं बाल विभाग में एक अधिकारी था। उस पर एक नाबालिग लड़की से बलात्कार का आरोप है। मुझे उम्मीद है कि दिल्ली पुलिस तेजी से कार्यवाही करेगी… इस वारदात के बारे में जैसे ही दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को पता चला, उन्होंने आरोपी अधिकारी को निलंबित करने के आदेश दिए।
दरअसल, भाजपा ने गिरफ्तार अधिकारी को लेकर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी पर हमला बोला है। भाजपा की दिल्ली सचिव बांसुरी स्वराज (Bansuri Swaraj) ने सोमवार को आम आदमी पार्टी सरकार पर आरोपी अधिकारी प्रेमोदय खाखा (Premoday Khakha) का पक्ष लेने का आरोप लगाया। बांसुरी स्वराज ने प्रेस कांफ्रेंस में एक दस्तावेज प्रस्तुत किया और दावा किया कि आरोपी अधिकारी को दिल्ली की मंत्री आतिशी के ओएसडी के रूप में नियुक्त किया गया था।बांसुरी स्वराज ने कहा- इस दस्तावेज में एक शब्द का इस्तेमाल किया गया है डिजायर्ड जिसका मतलब है कि आरोपी को आम आदमी पार्टी ने चुना था। वह आप सरकार का करीबी है जिसे मंत्री महोदया (आतिशी) ने अपने ओएसडी के रूप में चुना था। मेरा सवाल दिल्ली सरकार से है कि एफआईआर तो 13 अगस्त को ही दर्ज करा दी गई थी फिर उसे सस्पेंड करने में इतना समय क्यों लगाया गया। इस विभाग की मंत्री तो आतिशी जी है फिर उन्होंने इस पूरे मामले में चुप्पी क्यों साधे रखी।
वहीं दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने ट्वीट कर कहा- नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी अधिकारी केजरीवाल सरकार का पसंदीदा था। उसको डब्ल्यूसीडी मंत्री के ओएसडी के रूप में काम करने के लिए चुना गया था। अच्छा होगा कि स्वाति मालीवाल अपना ड्रामा रोकें। इस गंभीर आपराधिक मामले में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को भी जवाब देना चाहिए। आखिर एक दुष्कर्मी अधिकारी को मंत्री का ओएसडी बनाने के लिए क्यों चुना गया। दस्तावेजों से पता चलता है कि आरोपी अधिकारी प्रेमोदय खाखा (Premoday Khakha) को तत्कालीन मंत्री कैलाश गहलोत के ओएसडी के रूप में नियुक्त किया गया था।वहीं उत्तर जिला पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोपी डिप्टी डायरेक्टर और उसकी पत्नी को सोमवार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान 50 वर्षीय प्रेमोदय खाका और 47 वर्षीय सीमा खाका के तौर पर हुई है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने भी अपने आरोपों को दोहराया है। मुख्य सचिव ने खाका को इस मामले में निलंबित कर दिया गया है। वर्ष 2020 अक्तूबर में पिता की मौत के बाद पारिवारिक मित्र प्रेमोदय खाका के घर पर पीड़िता रहने के लिए आई थी।पीड़िता ने यह जानकारी आरोपी की पत्नी को भी दी लेकिन उसने उल्टे पीड़िता की ही पिटाई कर दी थी। इस बीच गर्भवती होने पर सीमा ने अपने बेटे से गर्भपात करने कीदवा मंगाकर पीड़िता को खिला दिया था। जनवरी 2021 में अपने घर चले जाने के बाद भी चर्च में मिलने पर आरोपी यौन शोषण करता था। पीड़िता को सात अगस्त को अचानक एंजाइटी अटैक आ गया और उसे सेंट स्टीफंस अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। काउंसलिंग के दौरान पीड़िता ने अपने साथ हुई पूरी घटना के बारे में बताया।

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