दिल्ली के उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने विधायक निधि पर सरकार से रिपोर्ट मांगी है। हाल ही में कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने उप राज्यपाल से मुलाकात कर विधायक निधि का उपयोग नहीं होने को लेकर आरोप लगाए थे।इस पर कार्यवाही करते हुए उप राज्यपाल ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (शहरी विकास) से इस पर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है। उप राज्यपाल की विशेष सचिव की ओर से लिखे पत्र में अभिषेक दत्त के पत्र का हवाला देते हुए कहा गया है कि दत्त की ओर से एमएलए लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड को लेकर चिंता जाहिर की गई है।खर्च नहीं किए जाने का आरोपशहर के लिए जरूरी सीवेज ड्रेन और जलापूर्ति पाइपलाइन आदि पर इन्हें खर्च नहीं किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। इसे देखते हुए इस फंड को लेकर विस्तृत रिपोर्ट दी जानी चाहिए। पत्र में यह भी कहा गया है कि रिपोर्ट में इस बात की पूरी जानकारी होनी चाहिए कि विधायक निधि किन योजनाओं पर खर्च की गई है। उन योजनाओं का उद्देश्य, जरूरत मापदंड और दिशानिर्देश क्या रहे।पांच दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देशपत्र में यह भी कहा गया है कि जिन परियोजनाओं में फंड को लगाया गया है वे कौन-कौन सी हैं और उन पर अभी तक क्या प्रगति हुई है। इसके साथ-साथ विधायक निधि से होने वाले खर्च की निगरानी का क्या तंत्र निर्धारित किया गया है और अभी तक हुए काम पर इसकी क्या रिपोर्ट है। इन सभी मुद्दों पर पांच दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है।कांग्रेस ने किया स्वागतवहीं, दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने विधायक निधि के जांच के लिए उप राज्यपाल द्वारा दिए गए आदेश का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हर वर्ष सात से दस करोड़ रुपया विधायकों को गाद निकालने, नालियों के निर्माण, सीवर की समस्या को दूर करने और साफ पानी देने जैसी सुविधाओं के लिए दिया जाता है। एमएलए लेड फंड की जांच होने से एक बहुत बड़ा घोटाला उजागर होगा। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्ष में अगर 70 से 100 करोड़ रुपये दिल्ली के कामों में लगाए जाते तो हालात इतने बदहाल नहीं होते।AAP ने बताया- काम रोकने वाला कदमवहीं आम आदमी पार्टी ने उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से विधायक निधि की जांच के फैसले को काम रोकने वाला बताया है। आम आदमी पार्टी ने कहा कि एलजी विधायक निधि की जांच करके दिल्ली के विकास को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे है। यह गंदी राजनीति का हिस्सा है। फिर भी आम आदमी पार्टी ने किसी भी जांच का स्वागत करती हैं, लेकिन इसका असर विकास कार्यों पर नहीं पड़ना चाहिए। यह जांच के बहाने दिल्ली के काम को रोकने के लिए एलजी कार्यालय का एक और हताश भरा प्रयास है।कांग्रेस की शिकायत पर ऐक्शन, विधायक निधि पर एलजी ने दिल्ली सरकार से मांगी रिपोर्ट, बिफरी AAP
दिल्ली के उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने विधायक निधि पर सरकार से रिपोर्ट मांगी है। हाल ही में कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने उप राज्यपाल से मुलाकात कर विधायक निधि का उपयोग नहीं होने को लेकर आरोप लगाए थे।इस पर कार्यवाही करते हुए उप राज्यपाल ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (शहरी विकास) से इस पर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है। उप राज्यपाल की विशेष सचिव की ओर से लिखे पत्र में अभिषेक दत्त के पत्र का हवाला देते हुए कहा गया है कि दत्त की ओर से एमएलए लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड को लेकर चिंता जाहिर की गई है।खर्च नहीं किए जाने का आरोपशहर के लिए जरूरी सीवेज ड्रेन और जलापूर्ति पाइपलाइन आदि पर इन्हें खर्च नहीं किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। इसे देखते हुए इस फंड को लेकर विस्तृत रिपोर्ट दी जानी चाहिए। पत्र में यह भी कहा गया है कि रिपोर्ट में इस बात की पूरी जानकारी होनी चाहिए कि विधायक निधि किन योजनाओं पर खर्च की गई है। उन योजनाओं का उद्देश्य, जरूरत मापदंड और दिशानिर्देश क्या रहे।पांच दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देशपत्र में यह भी कहा गया है कि जिन परियोजनाओं में फंड को लगाया गया है वे कौन-कौन सी हैं और उन पर अभी तक क्या प्रगति हुई है। इसके साथ-साथ विधायक निधि से होने वाले खर्च की निगरानी का क्या तंत्र निर्धारित किया गया है और अभी तक हुए काम पर इसकी क्या रिपोर्ट है। इन सभी मुद्दों पर पांच दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है।कांग्रेस ने किया स्वागतवहीं, दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने विधायक निधि के जांच के लिए उप राज्यपाल द्वारा दिए गए आदेश का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हर वर्ष सात से दस करोड़ रुपया विधायकों को गाद निकालने, नालियों के निर्माण, सीवर की समस्या को दूर करने और साफ पानी देने जैसी सुविधाओं के लिए दिया जाता है। एमएलए लेड फंड की जांच होने से एक बहुत बड़ा घोटाला उजागर होगा। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्ष में अगर 70 से 100 करोड़ रुपये दिल्ली के कामों में लगाए जाते तो हालात इतने बदहाल नहीं होते।AAP ने बताया- काम रोकने वाला कदमवहीं आम आदमी पार्टी ने उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से विधायक निधि की जांच के फैसले को काम रोकने वाला बताया है। आम आदमी पार्टी ने कहा कि एलजी विधायक निधि की जांच करके दिल्ली के विकास को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे है। यह गंदी राजनीति का हिस्सा है। फिर भी आम आदमी पार्टी ने किसी भी जांच का स्वागत करती हैं, लेकिन इसका असर विकास कार्यों पर नहीं पड़ना चाहिए। यह जांच के बहाने दिल्ली के काम को रोकने के लिए एलजी कार्यालय का एक और हताश भरा प्रयास है।