डीजल कारों पर 10% एक्सट्रा GST लगाने की योजना से गडकरी का इनकार,

ड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि डीजल इंजन वाहनों पर अतिरिक्त 10% GST लगाने की कोई प्लानिंग नहीं हैं। दरअसल, आज सुबह ऐसी खबरें आई थीं कि गडकरी ने डीजल व्हीकल पर 10% एक्स्ट्रा GST लगाने को लेकर वित्त मंत्रालय को एक प्रस्ताव सौंपने की योजना बनाई है।

वे इस कदम से देश के अंदर क्लाइमेट फ्रेंडली व्हीकल को बढ़ावा देना है। अब उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे लेकर साफ किया है कि उनकी तरफ से ऐसी कोई योजना नहीं है। बता दें देश के अंदर लगभग सभी कमर्शियल व्हीकल डीजल इंजन से ही चलते हैं।

खबर का शेयर पर हुआ असर
सुबह मीडिया में ऐसी खबरें थी कि गडकरी ने 63वें सियाम वार्षिक सम्मेलन में इसे ‘पॉल्यूशन टैक्स’ बताते हुए कहा कि यह देश में डीजल वाहनों के उपयोग को कम करने का एकमात्र तरीका है। गडकरी के बयान के बाद दोपहर 12:00 बजे तक महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर 2.38%, टाटा मोटर्स के शेयर 2% और मारुति सुजुकी के शेयर 0.8% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।

अभी कितनी GST लग रही
जब भी आप कोई नई गाड़ी खरीदते हैं तब उसकी कुल कीमत 28% GST देनी पड़ती है। इसमें सभी तरह के व्हीकल जैसे पेट्रोल, डीजल, CNG, इलेक्ट्रिक हाइब्रिड शामिल हैं। इतना ही नहीं, नया कमर्शियल व्हीकल, थ्री-व्हीलर या फिर कोई टू-व्हीलर खरीदने पर भी 28% GST चुकानी पड़ती है। सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर सिर्फ 5% GST ले रही है।

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2021 में प्रोडक्शन कम करने की अपील की
गडकरी पहले भी डीजल वाहनों की कमियों पर अपना विचार साफ कर चुके हैं। 2021 में गडकरी ने वाहन निर्माताओं से डीजल-इंजन वाहनों के प्रोडक्शन और सेल्स को कम करने की अपील की थी। उन्होंने दूसरी टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने का आग्रह भी किया था।

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इन शहरों में प्रतिबंध लगाने की सुझाव भी आया
इससे पहले मई में ऊर्जा परिवर्तन एडवाजरी कमिटी ने सुझाव दिया था कि भारत को 2027 तक 10 लाख से अधिक आबादी वाले सभी शहरों में डीजल से चलने वाले फोर व्हीलर पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। ऊर्जा परिवर्तन एडवाजरी कमिटी की स्थापना पूर्व पेट्रोलियम सचिव तरुण कपूर के प्रमुख के रूप में की गई थी। राज्य संचालित तेल कंपनियों के अधिकारी और तेल मंत्रालय के एक अधिकारी सदस्य के रूप में हैं।

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