19 महीने से प्रधानमंत्री हिंसा पर कुछ क्यों नहीं बोल रहे? कांग्रेस ने मणिपुर को लेकर पूछा

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने राज्य में हुई हिंसा के लिए मंगलवार को माफी मांगी. उन्होंने सभी समुदायों से पिछली गलतियों को भूलकर शांतिपूर्ण व समृद्ध राज्य एक साथ रहने की अपील की. राज्य में हुई हिंसा में अब तक 250 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग बेघर हो चुके हैं. सैकड़ों की संख्या में लोग आज भी राहत शिविरों में रहने के लिए मजबूर हैं. सीएम की ओर से माफी मांगे जाने पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया भी सामने आई है.कांग्रेस पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि मणिपुर के मुख्यमंत्री ने आज जो कहा, उसे कहने में 19 महीने लग गए और यह पर्याप्त नहीं है. उन्होंने कहा कि असली मुद्दा यह नहीं है कि मुख्यमंत्री क्या कहते हैं या क्या नहीं करते हैं. असली मुद्दा तो यह है कि 19 महीने से प्रधानमंत्री ने हिंसा पर कुछ क्यों नहीं कहा. वो देश और दुनिया में घूम रहे हैं, लेकिन उन्हें मणिपुर जाने का समय नहीं मिला है, यही मुद्दा है.

जयराम रमेश ने पीएम की विफलता बताया
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मुद्दा यह है कि मुख्यमंत्री मणिपुर जाने से क्यों मना कर रहे हैं. वह मणिपुर के लोगों से मिलने के लिए राजनीतिक पार्टी से क्यों मना कर रहे हैं. यह पीएम की विफलता है और यह उस व्यक्ति की विफलता है जिसे उन्होंने मणिपुर का काम केंद्रीय गृहमंत्री को सौंप दिया है जो बाबा साहेब आंबेडकर का अपमान करते हैं और मणिपुर के लोगों का अपमान करते रहते हैं.

माफीनामे में मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मणिपुर के सीएम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पिछले तीन से चार महीनों में राज्य में अपेक्षाकृत शांति रही है, जिससे उन्हें उम्मीद है कि नए साल में सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी. राज्य में जो भी कुछ हुआ है, उसके लिए मैं खेद व्यक्त करना चाहता हूं. कई लोगों ने अपने परिवार और प्रियजन को खो दिया है. कई लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा. इसके लिए मुझे खेद है और मैं माफी मांगना चाहता हूं. उम्मीद है कि आने वाले साल में सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी.

सीएम बोले- नए साल में नए सिरे से जीवन शुरू करें
सीएम ने आगे कहा कि जो कुछ भी हुआ, सो हुआ. मैं सभी समुदायों से अपील करना चाहता हूं कि वे पिछली गलतियों को माफ करें और भूल जाएं और शांतिपूर्ण व समृद्ध मणिपुर में एक साथ रहकर नए सिरे से अपना जीवन शुरू करें. उन्होंने कहा कि मई 2023 में जातीय संघर्ष शुरू हुआ था, लेकिन पिछले कुछ महीनों में राज्य में गोलीबारी की घटनाओं में कमी आई है. मई से अक्टूबर 2023 तक गोलीबारी की 408 घटनाएं हुईं. वहीं, नवंबर 2023 से अप्रैल 2024 तक 345 और मई 2024 से अब तक गोलीबारी की 112 घटनाएं हुई हैं.

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