बीजिंग: वेनेजुएला में अमेरिका द्वारा की गई एयरस्ट्राइक और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी पर चीन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। चीन के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है।
चीन का कड़ा रुख: 3 बड़ी बातें
- UN में इमरजेंसी मीटिंग की मांग:बीजिंग ने साफ कहा है कि वह इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपातकालीन बैठक बुलाने का पूर्ण समर्थन करता है। चीन ने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय न्याय की रक्षा के लिए दुनिया के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।
- संप्रभुता पर हमला:चीन ने अमेरिकी कार्रवाई को वेनेजुएला की संप्रभुता का हनन बताया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, “यह लैटिन अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है। हम किसी भी देश के आंतरिक मामलों में दखल देने के खिलाफ हैं।”
- लैटिन अमेरिका का ‘सच्चा दोस्त’:चीन ने संदेश दिया कि चाहे हालात कैसे भी हों, वह लैटिन अमेरिकी देशों (LAC) का दोस्त बना रहेगा। चीन ने कहा, “हम कभी भी विचारधारा के आधार पर भेदभाव नहीं करते और न ही अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए किसी को निशाना बनाते हैं।”
चीन क्यों है इतना परेशान? (अरबों डॉलर का दांव)
वेनेजुएला में मादुरो सरकार के गिरने से चीन की चिंता बढ़ने की असली वजह पैसा है:
- भारी कर्ज: चीन ने वेनेजुएला को करीब 105.6 बिलियन डॉलर (अरबों रुपये) का कर्ज और वित्तीय सहायता दी हुई है।
- निवेश: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पूरे लैटिन अमेरिकी क्षेत्र (CELAC) के लिए 9.2 बिलियन डॉलर की क्रेडिट लाइन का वादा किया था। अमेरिका के कब्जे के बाद चीन को अपना यह पैसा डूबने का डर सता रहा है।