
सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के सामने इलाके में पानी भर गया है। इतना ही नहीं, हालत यह है कि सड़क पर लगे पानी में नावें चल रही हैं।इंटरनेट यूजर्स इस पर काफी मजे ले रहे हैं और राज्य सरकार की सक्रियता को लेकर निशाना साधा जा रहा है। वायरल वीडियो को लेकर सवाल पूछा जा रहा है कि क्या यह सही है या फिर इसे एडिट करके बनाया गया है। आज हम आपको फैक्ट चेक में इसकी जानकारी देने जा रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और अंबेडकर नगर के सांसद लालजी वर्मा ने अपने एक्स अकाउंट से वीडियो को पोस्ट किया है। यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री और 6 बार के विधायक रहे वर्मा ने तंज कसते हुए लिखा, ‘माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तो लखनऊ को मेट्रो का तोहफा दिया था। मगर, उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार ने लखनऊ चारबाग स्टेशन के सामने परिवहन के लिए नाव का तोहफा दिया है।’ इसी तरह की तंज भरी टिप्पणियां कई और भी लोगों ने सोशल मीडिया साइट्स पर की हैं। हालांकि, फैक्ट चेक के दौरान सच्चाई तो कुछ और ही पता चली।
फैक्ट चेक में क्या निकलकर आया सामने
फैक्ट चेक से साबित हो गया कि यह फर्जी वीडियो है। चारबाग स्टेशन के पास जलभराव और वहां पर नावें के चलने की कोई सूचना नहीं है। वीडियो का फ्रेम-दर-फ्रेम विश्लेषण किया गया, जिससे यह साफ हो गया कि वीडियो को एडिट किया गया है। ध्यान से देखने पर पता चलता है कि वीडियो में तो केवल नाव ही चल रही है जबकि बाकी चीजें स्थिर हैं। इसी तरह के फुटेज वाला एक अन्य वीडियो का लिंक भी मिला, जो 4-5 महीने पुराना है। इसे इंस्टाग्राम पर बीते 4 फरवरी को शेयर किया गया था। इसके एक हिस्से में फ्लाईओवर के नीचे जलभराव दिखता है, जबकि दूसरे हिस्से में चारबाग स्टेशन का वीडियो है। इसमें कोई नाव चलती हुई नहीं दिखती है। इस तरह साफ है कि लखनऊ के चार बाग वाले वीडियो को एडिट किया गया है और चार बाग स्टेशन के सामने नाव चलने की बात झूठी है।