मुंबई: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने देश की आर्थिक राजधानी में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। एजेंसी ने मुंबई के नरीमन पॉइंट स्थित प्रतिष्ठित एयर इंडिया बिल्डिंग में तैनात CGST ऑडिट-I के सुपरिंटेंडेंट अंकित अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई की टीम ने उन्हें उस वक्त दबोचा जब वे एक निजी कंपनी के डायरेक्टर से 5 लाख रुपये की रिश्वत ले रहे थे। आरोपी अधिकारी पर अपनी पावर का गलत इस्तेमाल कर एक कंपनी को फर्जी टैक्स केस में फंसाने की धमकी देने और उससे जबरन वसूली करने का आरोप लगा है।
फर्जी टैक्स का डर दिखाकर मांग रहा था 20 लाख
शिकायतकर्ता, जो एक निजी कंपनी के डायरेक्टर हैं, ने सीबीआई को बताया कि पूरा मामला 26 नवंबर, 2025 को शुरू हुआ था। उस दिन सुपरिंटेंडेंट अंकित अग्रवाल ने उनकी कंपनी का ऑडिट किया था। ऑडिट के दौरान, अधिकारी ने कंपनी पर 98 लाख रुपये का फर्जी टैक्स बकाया (Tax Demand) निकालने का डर दिखाया। इस मुसीबत से बचाने के एवज में उसने 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। काफी मान-मनौव्वल के बाद सौदा 17 लाख रुपये में तय हुआ। सोमवार (22 दिसंबर, 2025) को इसी सौदे की पहली किश्त के तौर पर 5 लाख रुपये लेते हुए सीबीआई ने जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
घर की तलाशी में मिली अकूत संपत्ति
रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद सीबीआई ने जब अंकित अग्रवाल के मुंबई स्थित आवास और दफ्तर पर छापेमारी की, तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। तलाशी के दौरान घर से 18.30 लाख रुपये की नकद राशि बरामद हुई। इसके अलावा, जांच एजेंसी के हाथ दो बड़ी संपत्तियों के दस्तावेज भी लगे हैं। इनमें से एक संपत्ति अप्रैल 2025 में 40.315 लाख रुपये में और दूसरी जून 2024 में 32.10 लाख रुपये में खरीदी गई थी। सीबीआई ने कार्यालय से डिजिटल सबूत और ऑडिट रिपोर्ट जब्त कर ली है और अब यह पता लगाया जा रहा है कि इस रिश्वतखोरी के खेल में विभाग के अन्य अधिकारी भी शामिल हैं या नहीं।