नई दिल्ली: बजट 2026 में भले ही आम टैक्सपेयर्स के लिए टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया हो, लेकिन मोदी सरकार ने ‘इनकम टैक्स एक्ट’ में ऐतिहासिक सुधार करते हुए करदाताओं को बड़ी राहत दी है. वित्त मंत्री ने बजट में घोषणा की है कि अब इनकम टैक्स से जुड़े मामलों में जेल की सजा के प्रावधान को खत्म किया जा रहा है. साथ ही, विदेश में संपत्ति रखने वालों के लिए भी नियमों को आसान बनाया गया है.
1. अब टैक्स चोरी या गड़बड़ी पर नहीं होगी जेल
सरकार ने टैक्स सिस्टम को ‘अपराध मुक्त’ (Decriminalize) बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है.
- नया नियम: अब अगर किसी व्यक्ति की आय में गड़बड़ी पाई जाती है या टैक्स छिपाने का मामला सामने आता है, तो उसे जेल नहीं भेजा जाएगा.
- सिर्फ जुर्माना: ऐसे मामलों में अब केवल आर्थिक दंड (Penalty) या जुर्माना लगाने का प्रावधान होगा.
- कब से लागू: यह बड़ा बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए इनकम टैक्स एक्ट के तहत प्रभावी होगा. इससे ईमानदार करदाताओं को कानूनी पचड़ों और जेल के डर से मुक्ति मिलेगी.
2. विदेश में संपत्ति छिपाने पर भी नरमी (NRIs को राहत)
बजट में उन लोगों को बड़ी राहत दी गई है, जिनके पास विदेश में छोटी-मोटी संपत्ति है लेकिन वे गलती से उसे अपने टैक्स रिटर्न (ITR) में नहीं दिखा पाए.
- 20 लाख तक छूट: अगर किसी व्यक्ति की विदेश में मौजूद ‘गैर-अचल संपत्ति’ (Non-real estate assets जैसे बैंक खाता, शेयर आदि) की कुल कीमत 20 लाख रुपये से कम है और वह उसका खुलासा नहीं करता है, तो उस पर कोई कार्रवाई नहीं होगी.
- सजा से मुक्ति: ऐसे मामलों में करदाता को सजा से छूट मिलेगी.
- लागू होने की तारीख: रिपोर्ट के अनुसार, यह नियम 1 अक्टूबर 2024 से प्रभावी माना जाएगा (संभवतः पुराने मामलों को निपटाने के लिए).
सरकार का मकसद: विश्वास बढ़ाना
सरकार का कहना है कि वह टैक्स सिस्टम को ज्यादा व्यावहारिक बनाना चाहती है ताकि करदाताओं को अनावश्यक परेशान न होना पड़े. रिटर्न फाइल करने की समय सीमा और प्रक्रियाओं को भी सरल बनाने पर जोर दिया गया है.