बेगूसराय। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को बड़ा झटका लगा है। मटिहानी विधानसभा सीट से चार बार के विधायक रहे नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह ने मंगलवार (19 अगस्त) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरजेडी का दामन थाम लिया।
“आज से मैं आरजेडी का सिपाही” – बोगो सिंह
प्रेस वार्ता के दौरान बोगो सिंह ने कहा, “आज से मैं आरजेडी के एक सिपाही के रूप में कार्य करूंगा। मैंने जेडीयू के लिए पूरी ईमानदारी से काम किया, लेकिन पिछले पांच सालों से नीतीश कुमार ने मेरी सुध तक नहीं ली। 2020 के चुनाव में मैं सिर्फ 333 वोटों से हारा था, उसके बाद भी कई बार उनसे मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने तरजीह नहीं दी। इसी वजह से मैंने आज आरजेडी का रास्ता चुना है।”
2020 चुनाव में मामूली अंतर से हारे थे
मटिहानी सीट पर 2020 विधानसभा चुनाव में बोगो सिंह को लोजपा (रामविलास) के उम्मीदवार राज कुमार सिंह ने मात्र 333 वोटों से हराया था। दिलचस्प बात यह रही कि उस चुनाव में लोजपा (आर) को सिर्फ यही एक सीट मिली थी, लेकिन बाद में उसके विधायक ने जेडीयू ज्वाइन कर ली थी।
“जनता को चाहिए सेवक, प्रिंस कुमार नहीं”
पूर्व विधायक ने कहा, “चुनाव के बाद भी जनता ने मुझे अपार स्नेह और आशीर्वाद दिया। मटिहानी की जनता को आज एक सच्चे सेवक की जरूरत है, न कि किसी प्रिंस कुमार की। मैं क्षेत्र का बेटा बनकर जनता की सेवा करता रहूंगा।”
सांसद गिरिराज सिंह पर तंज
बोगो सिंह ने इस दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, “एक समय मैंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि गिरिराज सिंह चार लाख से ज्यादा वोट से जीतेंगे और वे सवा चार लाख से जीते भी। लेकिन इस बार वे सिर्फ 70 हजार वोट से जीत पाए। इससे साफ है कि उनकी स्थिति क्या हो गई है।”
तेजस्वी से मुलाकात के बाद कयास तेज
हाल ही में बोगो सिंह ने तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी, जिसके बाद उनके आरजेडी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब आधिकारिक ऐलान के साथ साफ हो गया है कि चुनाव से पहले जेडीयू को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है।