वाराणसी: शिक्षा का मंदिर कहा जाने वाला बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) का परिसर गुरुवार (29 जनवरी) को अखाड़े में तब्दील हो गया. यहां रुइया हॉस्टल और बिरला हॉस्टल के छात्र आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते दोनों गुटों के बीच भीषण पत्थरबाजी शुरू हो गई. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि मौके पर भारी पुलिस फोर्स, पीएसी (PAC) और आरआरएफ (RRF) को तैनात करना पड़ा. इस हिंसक झड़प में एक छात्र के घायल होने की खबर है, जिसे इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है.
जन्माष्टमी के विवाद ने पकड़ी आग
काशी जोन के पुलिस उपायुक्त (DCP) गौरव बंसवाल ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि इस बवाल की जड़ें पुरानी हैं. दरअसल, रुइया और बिरला हॉस्टल के छात्रों के बीच जन्माष्टमी के दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी. उसी पुराने विवाद ने आज फिर तूल पकड़ लिया और दोनों गुट आपस में भिड़ गए. पुलिस को जैसे ही पत्थरबाजी की सूचना मिली, तत्काल भारी फोर्स मौके पर भेजी गई, जिसके बाद उपद्रवी छात्र वहां से भाग निकले.
ड्रोन से ‘आसमान’ से नजर, कमरों में सर्च ऑपरेशन
उपद्रवियों पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने अब टेक्नोलॉजी का सहारा लिया है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हॉस्टलों की छतों की निगरानी ‘ड्रोन’ कैमरों से की जा रही है ताकि यह देखा जा सके कि वहां ईंट-पत्थर तो जमा नहीं किए गए हैं. घायल छात्र ने पूछताछ में कुछ ऐसे नामों का खुलासा किया है जो यूनिवर्सिटी के ‘पूर्व छात्र’ हैं और अवैध रूप से हॉस्टल में रह रहे हैं.
अवैध छात्रों की खैर नहीं, सील होंगे कमरे
डीसीपी ने सख्त लहजे में कहा कि “प्रॉक्टोरियल बोर्ड एक-एक कमरे की तलाशी ले रहा है. यदि कोई अनाधिकृत छात्र पाया जाता है तो उसको यहां से निकालकर कमरे को सील किया जाएगा.” फिलहाल स्थिति को नियंत्रित करने के लिए चार थानों की फोर्स के साथ-साथ काशी जोन के सभी आला अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं. प्रॉक्टोरियल बोर्ड के जवान भी लगातार मार्च कर रहे हैं.