बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रयागराज के गांवों में भेड़िए का खतरा, वन विभाग का सर्च ऑपरेशन शुरू

प्रयागरज के कई गांवों में भेड़िए का खतरा मंडरा रहा है। बहराइच और संभल के बाद अब बहादुरपुर विकास खंड के ककरा-कोटवा कछार में किसानों को कथित भेड़ियों का डर सता रहा है। किसानों का दावा है कि बाढ़ के बाद से जंगल में दो भेड़िये देखे गए हैं।

हालांकि किसी पर हमला नहीं किया है। सूचना पर वन विभाग भी हरकत में है। रेंजर फूलपुर अशोक ने बताया कि सर्च ऑपरेशन चलाया गया था पर दिखा नहीं। वन विभाग का कहना है कि पैरों के निशान खोजने की कोशिश की जा रही है जिससे जानवर की जानकारी हो सके।

बहादुरपुर विकास खंड के ककरा, कोटवा, लीलापुर, तिवारीपुर, नीबी और छिबैया गांवों के सामने गंगा की दो धाराओं के बीच हजारों एकड़ क्षेत्र का जंगल है। यहां किसान बड़े पैमाने पर खेती करते हैं। कोटवा निवासी किसान अशोक भारतीया ने बताया कि बाढ़ के बाद से कछार में दो भेड़िये कई बार दिखे हैं। बाढ़ की वजह से सभी किसान अपने परिवारों के साथ जंगल छोड़कर गांव आ गए थे। अब जबकि बाढ़ का पानी उतर चुका है, किसान खेती के लिए फिर से लौटने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में अब उनमें दहशत की स्थिति है। वहीं, किसान मोनू सिंह ने बताया कि भेड़िये को कई बार कछार मेंदेखागयाहै।

बता दें कि कई गांवों में भेड़िए का आतंक मचा हुआ है। इतना ही नहीं कई इलाकों में सियारों ने भी लोगों और मवेशियों पर हमला किया है। ऐसे में लोगों को जंगली जानवरों का खतरा है। बच्चों को घरों से बाहर अकेले नहीं निकलने दिया जा रहा। गांव वालों में खेतों में जाने के लिए लाठी-डंडे लेकर जाना शुरू कर दिया है। वन विभाग का कहना है कि जानवर की जानकारी निकाल कर उसे पकड़ने की तैयारी की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *