राजधानी दिल्ली में आयोजित भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 अपने अंतिम दिन तकनीक, ऊर्जा और आत्मनिर्भरता के मजबूत संगम के साथ चर्चा का केंद्र बन गया। चार दिनों तक चले इस समिट में देश और दुनिया के विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं ने ऊर्जा क्षेत्र के भविष्य पर व्यापक मंथन किया। 19 मार्च से यशोभूमि में शुरू हुआ यह आयोजन ‘विकास को विद्युत शक्ति देना, स्थिरता को सशक्त बनाना, वैश्विक स्तर पर जुड़ाव’ थीम के साथ संपन्न हुआ।
यशोभूमि बना वैश्विक ऊर्जा संवाद का केंद्र
दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित इस समिट ने सरकार, उद्योग जगत, शिक्षाविदों और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान किया। यहां ऊर्जा सुरक्षा, हरित ऊर्जा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थिर विकास जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई, जिससे भविष्य की ऊर्जा रणनीतियों को दिशा देने की कोशिश की गई।
AI सर्वर लॉन्च से डिजिटल इंडिया को नई गति
समिट के दौरान Acer ग्रुप की Altos Computing ने भारत में निर्मित अपने नेक्स्ट-जनरेशन AI सर्वर लॉन्च करने की घोषणा की। नई दिल्ली के ली मेरिडियन होटल में आयोजित कार्यक्रम में बताया गया कि यह सर्वर देश की डेटा संप्रभुता को मजबूत करने के साथ AI क्षमताओं को नई ऊंचाई देगा। इसे भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
500 से अधिक प्रदर्शकों ने दिखाई ऊर्जा क्षेत्र की पूरी ताकत
समिट में 50 से ज्यादा तकनीकी सत्र, पैनल चर्चा और प्रदर्शनियां आयोजित की गईं। 500 से अधिक प्रदर्शकों ने बिजली और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े पूरे वैल्यू चेन को प्रस्तुत किया। बायर–सेलर मीटिंग्स के जरिए वैश्विक साझेदारी और निवेश संभावनाओं को बढ़ावा मिला, जिससे ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के नए अवसर सामने आए।
Vedanta Power का VR अनुभव बना आकर्षण
Vedanta Power के पवेलियन में पेश किया गया वर्चुअल रियलिटी अनुभव आगंतुकों के लिए खास आकर्षण बना रहा। इस अनुभव के जरिए खेतों से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन तक की पूरी प्रक्रिया को जीवंत रूप में दिखाया गया। कंपनी ने पराली को ऊर्जा में बदलने की अपनी पहल को भी प्रस्तुत किया, जिसके चलते पिछले दो वर्षों में पराली जलाने की घटनाओं में 87 प्रतिशत तक कमी आने का दावा किया गया।
CSR पहल और ग्रामीण विकास पर विशेष फोकस
Vedanta के ‘नवी दिशा’ और ‘प्रोजेक्ट तारा’ जैसे कार्यक्रमों ने ग्रामीण उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण की झलक पेश की। पवेलियन में प्रदर्शित जैविक उत्पादों और स्थानीय हस्तशिल्प ने सामाजिक विकास और ऊर्जा क्षेत्र के संतुलित मॉडल को सामने रखा।
स्वदेशी तकनीक से विदेशी निर्भरता कम करने की पहल
BMC Power Co. ने समिट में भारत का पहला स्वदेशी 5-टन कॉम्पैक्ट हाइड्रोलिक विंच लॉन्च किया। यह उपकरण पावर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसे भारतीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जिससे लागत कम होने के साथ विदेशी मशीनों पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी।
सुरक्षित और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में कदम
नई हाइड्रोलिक तकनीक टावर निर्माण को अधिक सुरक्षित, तेज और कुशल बनाने में सक्षम है। इसमें एडवांस ब्रेकिंग सिस्टम और ऑटोमैटिक सेफ्टी क्लैंप जैसे आधुनिक फीचर्स शामिल किए गए हैं, जो कार्यस्थल सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं।
आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य की ओर बढ़ता भारत
समिट के अंतिम दिन यह स्पष्ट संदेश सामने आया कि भारत ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ तकनीकी निर्माण और नवाचार में भी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। AI सर्वर से लेकर स्वदेशी मशीनरी तक की पहलें ‘विकसित भारत’ के विजन को मजबूत आधार देती नजर आईं।