पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रुझानों में राज्य का सियासी नक्शा तेजी से भगवा रंग में रंगता नजर आ रहा है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) लगभग 199 सीटों पर बढ़त बनाकर बहुमत की ओर तेजी से बढ़ रही है, जबकि ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) करीब 88 सीटों पर आगे है। हालांकि इस बड़े अंतर के बावजूद चुनाव पूरी तरह एकतरफा नहीं दिख रहा है, क्योंकि कई इलाकों में टीएमसी अब भी मजबूती से टिकी हुई है।
दक्षिण बंगाल में ममता बनर्जी का मजबूत गढ़
बीजेपी की लहर के बावजूद दक्षिण बंगाल के कुछ जिलों में टीएमसी ने अपनी पकड़ बरकरार रखी है। दक्षिण 24 परगना में पार्टी 31 में से 22 सीटों पर आगे चल रही है, जो उसके लिए बड़ी राहत की बात है। इसके अलावा हावड़ा और हुगली जिलों में भी टीएमसी का दबदबा कायम है। हावड़ा में 16 में से 11 सीटों पर और हुगली में 18 में से 11 सीटों पर पार्टी बढ़त बनाए हुए है। ये सभी क्षेत्र लंबे समय से ममता बनर्जी के मजबूत राजनीतिक आधार माने जाते रहे हैं।
अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में टीएमसी का दबदबा कायम
मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर जैसे जिलों में भी टीएमसी का प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। मुर्शिदाबाद में पार्टी 22 में से 14 सीटों पर आगे है, जबकि उत्तर दिनाजपुर में 9 में से 7 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इन क्षेत्रों में अल्पसंख्यक आबादी अधिक है और पारंपरिक रूप से टीएमसी को समर्थन मिलता रहा है, जो इस बार भी बरकरार दिखाई दे रहा है।
बीरभूम और पश्चिम मिदनापुर में भी बढ़त
बीरभूम जिले में टीएमसी को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है, जहां वह 11 में से 8 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं पश्चिम मिदनापुर में मुकाबला थोड़ा कड़ा जरूर है, लेकिन यहां भी पार्टी 15 में से 8 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। यह संकेत देता है कि कुछ इलाकों में टीएमसी अभी भी मजबूत स्थिति में है।
अहम जिलों में कांटे की टक्कर
राज्य के कुछ राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिलों में दोनों प्रमुख दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। उत्तर 24 परगना और वर्धमान में बीजेपी और टीएमसी के बीच कांटे की टक्कर है और किसी एक पक्ष की स्पष्ट बढ़त नजर नहीं आ रही। इसी तरह माल्दा जिले में भी मुकाबला बेहद करीबी बना हुआ है।