वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर के भक्त अब जल्द ही घर बैठकर भगवान के दर्शनों का लाभ ले सकेंगे। मंदिर प्रशासन की ओर से भगवान के दर्शनों की ‘लाइव स्ट्रीमिंग’ की व्यवस्था अगले साल शुरू हो सकती है। बांके बिहारी मंदिर के मामलों की देखरेख करने वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने इस संबंध में पुष्टि की है।
लाइव स्ट्रीमिंग और प्रबंधन में पारदर्शिता
न्यायमूर्ति अशोक कुमार की अध्यक्षता में उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने बृहस्पतिवार शाम को मंदिर के आसपास सुधारों और विकास योजनाओं की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की। इस बैठक में 15 बिंदुओं पर चर्चा हुई, जिनमें से 11 पर सहमति बनी।
लाइव स्ट्रीमिंग: न्यायमूर्ति कुमार ने कहा कि ‘लाइव स्ट्रीमिंग’ के लिए एक फर्म को चुना गया है और यह सेवा अगले साल होली के आसपास शुरू होने की उम्मीद है।
गुल्लक खोलने का नया तरीका: समिति ने मंदिर की गुल्लक खोलने के लिए एक बैंक की मदद से नवंबर से एक नए तरीके को भी मंजूरी दी है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
सफाई: समिति ने रोजाना के रखरखाव को बेहतर बनाने के लिए प्रेशर मशीन, वैक्यूम क्लीनर और फ्लोर-क्लीनिंग मशीन समेत सफाई के सामान की खरीद को भी मंजूरी दी।
कॉरिडोर और अतिक्रमण पर चर्चा
समिति ने भक्तों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिहाज से कई महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा की:
अतिक्रमण हटाना: मंदिर के द्वार संख्या- एक, दो और तीन के पास से अतिक्रमण हटाने पर चर्चा हुई।
संपत्ति अधिग्रहण: भक्तों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिहाज से आस-पास की संपत्ति के अधिग्रहण के संबंध में दिशानिर्देशों की समीक्षा की गई।
बांके बिहारी कॉरिडोर: वृंदावन में प्रस्तावित बांके बिहारी कॉरिडोर को लेकर भी सरकार का रुख़ अब साफ हो गया है। समिति की बैठक में कॉरिडोर निर्माण की जद में आने वाले मकान, दुकान के स्वामियों को मुआवजा दिए जाने की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसके बाद जल्द ही कॉरिडोर को लेकर आगे का रास्ता साफ होगा।