रूस ने यूक्रेन के सुमी क्षेत्र पर कब्जा करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। 50 हजार से अधिक रूसी सैनिकों के साथ, रूस ने इस क्षेत्र में हमला कर दिया है। सुमी वह क्षेत्र है, जहाँ से यूक्रेन ने अगस्त 2024 में रूस के कुर्स्क क्षेत्र पर आक्रमण किया था। अभी भी यूक्रेन के पास कुर्स्क का एक बड़ा हिस्सा काबिज है, लेकिन अब सुमी एक अहम लड़ाई का केंद्र बन गया है। दोनों पक्ष अपने बेहतरीन सैनिकों को मोर्चे पर उतार चुके हैं और युद्ध तेज़ी से बढ़ रहा है।
यूक्रेनी जनरल स्टाफ ने दावा किया है कि वह रूस की बढ़त को रोकने में सफल रहे हैं, लेकिन रूस ने इस पर प्रतिवाद करते हुए कहा है कि यूक्रेन के इस दावे को सच मानना असंभव है। यूक्रेनी सेना ने यह भी बताया कि वर्तमान स्थिति स्थिर है और रूस की फौज को सीमा पर स्थित जूनाकिवका, यबलुनिवका, नोवोमिकोलेवका, ओलेक्सिएवका और किंडरातिवका तक सीमित कर दिया गया है। यूक्रेन का कहना है कि उसकी सेना इन सीमावर्ती इलाकों में तैनात है और पलटवार की तैयारी में है।
रूस ने इस संघर्ष में अपनी पूरी शक्ति लगाने का दावा किया है, और कहा कि उन्हें रोकना असंभव होगा। रूस का दावा है कि बहुत जल्दी इस क्षेत्र पर पूरी तरह से नियंत्रण प्राप्त कर लिया जाएगा।
रूस की रणनीति पर यूक्रेनी जनरल का जवाब
यूक्रेन के शीर्ष सैन्य कमांडर, जनरल ओलेक्ज़ांडर सिरस्की ने रूस की रणनीति को नकारते हुए कहा कि रूस की योजना अपनी बड़ी संख्या के बल पर यूक्रेनी सेना को थका देना है। लेकिन इस दौरान, यूक्रेन ने अपनी खुफिया एजेंसी GUR की विशेष कमांडो यूनिट्स को भेजा, जिसके परिणामस्वरूप रूस की सेना को अग्रिम मोर्चे पर ही रोकने में सफलता मिली। GUR प्रमुख, लेफ्टिनेंट जनरल किरिलो बुदानोव ने कहा कि रूस ने अपनी बेहतरीन टुकड़ियों को सुमी में भेजा है, जिनमें 104वीं एयरबोर्न डिवीजन, 40वीं नौसैनिक ब्रिगेड, 83वीं एयरबोर्न ब्रिगेड और 155वीं मरीन ब्रिगेड शामिल हैं।
रूस का लक्ष्य और यूक्रेन का प्रतिरोध
लेफ्टिनेंट जनरल बुदानोव ने यह भी बताया कि रूस का मुख्य उद्देश्य यूक्रेनी सीमा के भीतर एक बफर जोन बनाना है, लेकिन उन्हें यूक्रेनी सेना से कड़ा प्रतिरोध मिल रहा है। हालांकि रूस ने कुछ इलाकों में बढ़त बनाई है, लेकिन यह रणनीतिक दृष्टि से कोई बड़ी जीत नहीं मानी जा रही। यूक्रेनी सेना अब और अधिक सैनिक भेज रही है, जिससे आने वाले दिनों में संघर्ष और भी हिंसक और खतरनाक होने की संभावना है।
यूक्रेनी सेना के लिए यह रक्षा अभियान काफी महंगा साबित हो रहा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, जब यूक्रेनी सेना ने पिछले साल रूस के कुर्स्क क्षेत्र में कब्जा किया था, तब उम्मीद की जा रही थी कि सुमी में एक मजबूत सुरक्षा पंक्ति बनाई जाएगी। लेकिन कुर्स्क से पीछे हटने के बाद सुमी में कई स्थानों पर पुराने खाइयां और कमजोर किलेबंदी देखी गई, जिसके कारण सैनिकों को खुद को ड्रोन हमलों से बचाते हुए सुरक्षा ठिकाने बनाने पड़े।
अब सुमी युद्ध का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है और दोनों देशों के बीच संघर्ष के और बढ़ने की पूरी संभावना है।