जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का एक दिलचस्प वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक समर्थक उनसे “डिफेंडर” कार खरीदने की मांग करता नजर आ रहा है। बातचीत के दौरान गहलोत का जवाब भी उतना ही सधा और विचारणीय रहा।
“नेतागिरी गाड़ी से नहीं, काम से होती है” – अशोक गहलोत
इस वीडियो में, जब अशोक गहलोत एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे, तो जयपुर के आउटर इलाके चोमू में एक चाय बेचने वाले समर्थक ने उनका काफिला रोक लिया और कहा:
“सर आप मेरे प्रिय नेता हो, मैं चाहता हूं कि आप बड़ी गाड़ी डिफेंडर खरीद लें। सभी नेता बड़ी गाड़ी से चलते हैं, मैं कई सालों से आपके पास यही गाड़ी देख रहा हूं। अगली बार जब आप सीएम बनें, तो डिफेंडर में आइए।”
इस पर गहलोत मुस्कराते हुए बोले:
“ये गाड़ी सही है, अच्छी है… और नेतागिरी गाड़ी से नहीं, काम से होती है।”
तीन महीने में बदलते हैं नेता गाड़ियां, लेकिन…
समर्थक ने यह भी कहा कि आजकल अधिकतर नेता हर 3 महीने में गाड़ी बदलकर डिफेंडर जैसी लग्ज़री कार में घूमते हैं, जबकि अशोक गहलोत पिछले 15 सालों से एक ही गाड़ी में चल रहे हैं। इसपर भी गहलोत ने सहजता से जवाब दिया और दिखाया कि सादगी ही उनकी पहचान है।
2 मिनट की बातचीत, सोशल मीडिया पर वायरल
यह अनोखी और दिलचस्प बातचीत लगभग 2 मिनट तक चली, जिसे किसी ने रिकॉर्ड कर लिया और अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग गहलोत की सादगी और जवाब देने के अंदाज़ की खूब तारीफ कर रहे हैं।
जहां एक ओर राजनीति में दिखावे और शानो-शौकत की होड़ लगी रहती है, वहीं अशोक गहलोत का यह वीडियो दिखाता है कि जनता से जुड़ाव और सादगी ही नेता की सबसे बड़ी ताकत होती है।