मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा कस्बे में शनिवार शाम बड़ा हादसा हो गया, जब बस स्टैंड के पास स्थित चार मंजिला ‘अग्रवाल लॉज’ इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इमारत के गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 3 हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है तथा पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
18 घंटे से ज्यादा चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रहीं। भारी मशीनों और क्रेन की मदद से मलबा हटाया गया। रविवार (5 अप्रैल) सुबह करीब 11 बजे मलबे से एक महिला का शव निकाला गया, जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। इससे पहले दो अन्य लोगों के शव बरामद किए गए थे। अब तक मलबे से 5 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें 3 की मौत हो चुकी है जबकि घायलों का इलाज जारी है। प्रशासन को आशंका है कि अभी भी कुछ लोग मलबे में दबे हो सकते हैं।
CM मोहन यादव ने किया मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के लिए सहायता राशि की घोषणा की। प्रत्येक मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपये मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान, 4 लाख रुपये संबल योजना और 1 लाख रुपये रेडक्रॉस से दिए जाएंगे। वहीं घायलों को 2 लाख रुपये मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान और 50 हजार रुपये रेडक्रॉस से प्रदान किए जाएंगे।
निर्माण कार्य बना हादसे की संभावित वजह
करीब 10 साल पुरानी अग्रवाल लॉज इमारत शनिवार शाम लगभग 5:30 से 5:50 बजे के बीच तेज धमाके जैसी आवाज के साथ ढह गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इमारत के पास 20×50 फीट के प्लॉट पर निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके लिए करीब 12 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। इस गड्ढे में पानी भरने से इमारत की नींव कमजोर हो गई, जिसे हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। अधिकारियों ने भी पास में चल रहे अंडरग्राउंड निर्माण कार्य को संभावित कारण बताया है।
प्रशासन और मंत्री मौके पर, जांच के आदेश
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री दिलीप अहीरवार ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरा प्रशासन मौके पर तैनात है। जिला कलेक्टर हर्षल पंचोली और पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने घटना के वास्तविक कारणों और निर्माण या सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की लापरवाही की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।