आंध्र प्रदेश सरकार ने अडानी को सौंपी 480 एकड़ जमीन, गूगल के साथ मिलकर बनेगा विशाल डेटा सेंटर

आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने विशाखापत्तनम और अनकापल्ली जिलों में 480 एकड़ जमीन अडानी इंफ्रा (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड (Adani Infra (India) Private Limited) को ट्रांसफर करने की मंजूरी दे दी है। अडानी इंफ्रा इस प्रोजेक्ट में गूगल की सहयोगी कंपनी रेडेन इंफोटेक इंडिया का पार्टनर है। दोनों कंपनियाँ मिलकर इस क्षेत्र में एक विशाल डेटा सेंटर बनाने की योजना बना रही हैं।

राज्य सरकार के मंत्रियों ने रेडेन इंफोटेक इंडिया के प्रस्ताव पर विचार करने के बाद यह मंजूरी दी, जिसका आधिकारिक आदेश 2 दिसंबर को जारी किया गया। सरकार का मानना है कि इस जमीन के मिलने से आने वाले समय में यहाँ डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी और बड़े टेक्नोलॉजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

डेटा सेंटर पर खर्च होंगे ₹87,500 करोड़, 1 GW की होगी क्षमता

2 दिसंबर को जारी सरकारी आदेश में कहा गया है कि प्रस्ताव की ध्यान से जाँच करने के बाद, मंत्रियों की काउंसिल ने 28/11/2025 की मीटिंग में इसे मंजूरी दी। इसके तहत, विशाखापत्तनम और अनकापल्ली जिलों में 480 एकड़ जमीन अडानी इंफ्रा (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को ट्रांसफर करने की मंजूरी दी जाती है।

रेडेन इंफोटेक इंडिया पहले चरण में पूरे आंध्र प्रदेश में डेटा सेंटर के डेवलपमेंट में ₹87,500 करोड़ से ज़्यादा का निवेश कर रही है। बदले में, कंपनी को डिजिटल प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने की सरकारी कोशिशों के तहत समय के साथ राज्य से ₹22,000 करोड़ के प्रोत्साहन (इंसेंटिव) मिलेंगे। गूगल की कंपनी रेडेन इंफोटेक इस प्रोजेक्ट के मुख्य हिस्से के तौर पर 1 GW (गीगावाट) का AI डेटा सेंटर बनाएगी।

रेडेन की डिमांड: अडानी इंफ्रा को मिले इंसेंटिव्स का फायदा

सरकारी आदेश के अनुसार, रेडेन ने रिक्वेस्ट की थी कि अडानी इंफ्रा समेत उसके अधिसूचित पार्टनर्स को डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की सरकार द्वारा पहले वादा किए गए इंसेंटिव्स का फायदा उठाने के लिए अधिकृत किया जाए।

कंपनी ने इस प्रोजेक्ट के लिए कई ‘अधिसूचित पार्टनर्स’ की पहचान की है, जिनमें अडानी इंफ्रा, अडानीकॉनेक्स इंडिया, अडानी पावर इंडिया, भारती एयरटेल, नेक्सट्रा डेटा और नेक्सट्रा विजाग (भारती एयरटेल की सब्सिडियरी) शामिल हैं। सरकारी ऑर्डर में यह भी कहा गया है कि डेटा सेंटर उन्हीं मानकों पर बनाया जाएगा, जैसे गूगल की मुख्य सर्विसेज़, जैसे सर्च, यूट्यूब और वर्कस्पेस को सपोर्ट करने वाले मानकों पर बनाए जाते हैं। प्लान की गई सुविधा की 1 GW बिजली की खपत मुंबई के सालाना बिजली इस्तेमाल के लगभग बराबर होगी।

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