
जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में सोमवार को सुरक्षा बलों ने सेना के काफिले में एक एम्बुलेंस पर गोलीबारी करने वाले तीन आतंकवादियों को मार गिराया। सेना ने मंगलवार को खुलासा किया कि अखनूर ऑपरेशन में उनकी टीम ने आतंकियों के खात्मे के लिए एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का इस्तेमाल किया।
सेना ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि कैसे एआई की मदद से आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन में हमें जल्दी और सफल रिजल्ट मिले। आतंकविरोधी अभियान के दौरान सेना ने चार साल के खोजी कुत्ते फैंटम को खो दिया। वह सर्च ऑपरेशन के दौरान टीम में सबसे आगे चल रहा था और आतंकियों की गोली का शिकार हुआ। आर्मी डॉग के बलिदान के कारण सेना के कई जवानों की जान बच सकी।
भारतीय सेना में मेजर समीर श्रीवास्तव ने मंगलवार को प्रेस को बताया कि जम्मू-कश्मीर के अखनूर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में सेना ने मानव रहित वाहन और एआई का इस्तेमाल किया। इससे हमें जल्दी और सफल परिमाम मिल सके। उन्होंने आगे कहा कि इस ऑपरेशन के बाद ऐसी जानकारी फैली कि सेना ने आतंकियों के खिलाफ बीएमपी टैंक का इस्तेमाल किया था, हां हमने इसका इस्तेमाल किया, क्योंकि वह इलाका काफी कठिन था और हमें जल्दी परिणाम हासिल करने थे।
आर्मी डॉग फैंटम के बलिदान से जवानों की जान बची
जीओसी 10 इन्फैंट्री डिवीजन के मेजर समीर श्रीवास्तव ने कहा, आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान जब हम सर्च ऑपरेशन कर रहे थे तब आर्मी डॉग फैंटम सबसे आगे चल रहा था। आतंकवादियों ने डॉग पर गोलियां चला दीं। उसके बलिदान के कारण ही हमारे कई लोगों की जान बचाई जा सकी। फैंटम को आतंकवादियों के हमले से सैनिकों की रक्षा करने की कोशिश करते समय गोली लगी।”
कुछ बड़ा करने आए थे आतंकी
मेजर जनरल श्रीवास्तव ने एएनआई को बताया, “जब हमें अपने सूत्रों से गांव में आतंकवादियों के होने का पता चला, तो हमने तुरंत ऐक्शन करने का निर्णय लिया। जब उन्हें मालूम हुआ कि उनके मंसूबे पूरे नहीं हो पा रहे हैं तो उन्होंने हमारे काफिले पर गोलीबारी की। जिस तरह से आतंकवादी हथियारों से लैस थे, हमें लगता है कि वे किसी बड़ी प्लानिंग से यहां आए थे। आतंकवादी संगठनों ने यह भी पोस्ट किया था कि वे कुछ बड़ा करने की योजना बना रहे थे। इसलिए, हम तैयार थे और खुफिया एजेंसियों सहित सभी संगठनों की मदद ले रहे थे।”
गौरतलब है कि आतंकवादियों ने सेना की एंबुलेंस पर गोलीबारी की, जिसके बाद तुरंत जवाबी कार्रवाई की गई। इलाके को तुरंत सील कर दिया गया और जम्मू-कश्मीर पुलिस और भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा तलाशी अभियान शुरू किया गया। काउंटर अटैक में तीन आतंकी मारे गए और भारी मात्रा में हथियार भी बरामद हुए।