यूपी में भी सपा और कांग्रेस का इंडिया गठबंधन बिखरता दिख रहा है। समाजवादी पार्टी के साथ लोकसभा चुनाव में उतरने की तैयारी कर रही जयंत चौधरी की पार्टी आरएलडी एनडीए गठबंधन में शामिल हो सकती है।समाचार चैनलों की रिपोर्ट के मुताबकि भाजपा और रालोद के बीच बातचीत चल रही है। भाजपा ने रालोद को चार सीटों का आफर दिया गया है। रालोद सात सीटें मांग रही है। सपा ने रालोद को सात सीटें पहले ही दे रखी हैं। अगर जयंत चौधरी इंडिया गठबंधन को छोड़कर एनडीए में जाते हैं तो सबसे बड़ा झटका अखिलेश यादव को लगेगा। सपा और रालोद लगातार कई चुनाव साथ लड़ते आ रहे हैं। सपा ने ही जयंत चौधरी को राज्यसभा भी भेजा है।टीवी चैनलों के अनुसार भाजपा और रालोद के बीच गठबंधन और सीटों पर तालमेल के लिए चल रही बातचीत अंतिम दौर में है। चर्चा है कि आरएलडी को बागपत, कैराना, मथुरा और अमरोहा सीट बीजेपी ने ऑफर की है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव को कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी की यात्रा में शामिल होने का न्योता स्वीकारना एक तरह से रालोद के संभावित झटके से उबरने की कोशिश मानी जा रही है। अखिलेश ने मंगलवार की शाम ही कांग्रेस की यात्रा में शामिल होने और राहुल गांधी के साथ साझा सभा करने का न्योता स्वीकारा है।तीन बैठकों के बाद कुछ दिन पहले ही सपा और रालोद के बीच सीटों पर बातचीत फाइनल हुई थी। सपा ने पिछली बार की तुलना में रालोद को दोगुना से ज्यादा सीटें दी थी। पिछले लोकसभा चुनाव में रालोद ने तीन सीटों पर चुनाव लड़ा था। सपा ने रालोद को इस बार सात सीटें दी थीं। तय हुआ कि बागपत, मथुरा, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, अमरोहा और कैराना लोकसभा सीट पर रालोद के प्रत्याशी उतरेंगे। पिछले लोकसभा चुनाव में सपा ने बसपा के साथ गठबंधन किया था। इस दौरान रालोद को भी उनके साथ रही और तीन सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। पिछले विधानसभा चुनाव में भी रालोद सपा के साथ थी और उसे 14 सीटें दी गई थीं।