Ram Mandir चढ़ावा विवाद पर अखिलेश यादव की बड़ी मांग, CM योगी का बयान दोहराते हुए बोले- ‘दूध का दूध, पानी का पानी होना चाहिए’

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने जन्मदिन के अवसर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहले दिए गए बयान का हवाला देते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए और कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखने के लिए पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए।

सीएम योगी के बयान का जिक्र करते हुए उठाई जांच की मांग

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देने वाले सभी लोगों का आभार जताया। इसके बाद उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के “दूध का दूध और पानी का पानी” वाले बयान का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा, “दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए” तथा सोना और चांदी अपने वास्तविक स्थान पर वापस पहुंचनी चाहिए।

अखिलेश यादव ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि यदि कुछ दिनों के लिए आंखें बंद कर दी जाएं और सीसीटीवी बंद कर दिए जाएं, तो सारा चढ़ावा वापस आ जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि शायद श्री राम ने उन्हें इस मुद्दे को उठाने का माध्यम बनाया, जिसके बाद यह मामला आगे बढ़ा।

जन्मदिन पर हल्के अंदाज में भी की टिप्पणी

प्रेस वार्ता के दौरान कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने माहौल को हल्का करते हुए कहा, “आज कुछ कड़वा मत पूछना, जन्मदिन मन रहा है.”

उन्होंने चंदे को लेकर भी मजाकिया अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी को चंदे की जरूरत होती है, लेकिन “आज दूसरे चंदे की बात मत छेड़ना.”

बीजेपी पर भ्रष्टाचार के लगाए आरोप

राम मंदिर विवाद का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य भ्रष्टाचार के जरिए सरकार बनाना और सरकार में रहकर भी भ्रष्टाचार करना है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को अपना नाम बदलकर “भाचपा” कर लेना चाहिए।

श्रद्धालुओं का भरोसा मजबूत करने की कही बात

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने संविधान, श्रद्धा और आस्था के साथ खिलवाड़ किया है। राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब लोगों को यह भरोसा हो जाएगा कि रामधन पूरी तरह सुरक्षित है और उसकी चोरी नहीं होगी, तब श्रद्धालु पहले से अधिक दान करेंगे।

उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मामले में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि लोगों का विश्वास बना रहे और सभी तथ्यों की सच्चाई सामने आ सके।

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