प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जीएसटी रिफॉर्म्स की घोषणा के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार को नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि जीएसटी को लेकर सरकार को व्यावहारिक और सकारात्मक रुख अपनाना चाहिए ताकि व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
अखिलेश यादव की नसीहत
अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- “जीएसटी का सबसे बड़ा सुधार ये है कि वो प्रैक्टिकल और पॉज़िटिव एप्रोच रखे, व्यापारियों का शोषण न करे, कागज़ी कार्रवाई का डर न दिखाए।”
उन्होंने आगे कहा कि राज्यों को उनके योगदान और बुनियादी ज़रूरतों के अनुसार हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। यादव ने सरकार से मांग की कि राज्यों के साथ ‘राजस्व न्याय’ किया जाए।
जीएसटी का सबसे बड़ा सुधार ये है कि वो प्रैक्टिकल और पॉज़िटिव एप्रोच रखे, व्यापारियों का शोषण न करे, काग़ज़ी कार्रवाई का डर न दिखाए और जो राज्य जिस अनुपात में अपना योगदान दे रहा हो, उसी अनुपात में या उसकी बुनियादी ज़रूरतों को देखते हुए विकास के लिए अतिरिक्त हिस्सा भी उसे दिया जाए।…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 16, 2025
पीएम मोदी का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से देश को संबोधित करते हुए कहा कि दिवाली तक देशवासियों को “डबल गिफ्ट” मिलेगा। उन्होंने बताया कि सरकार “नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स” लेकर आ रही है। इनके तहत रोजमर्रा की चीजों पर लगने वाला टैक्स कम किया जाएगा और जीएसटी प्रणाली को और सरल बनाया जाएगा।
विपक्ष के सवाल
मोदी सरकार के इस ऐलान के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर राजनीति का आरोप लगाया है। विपक्ष का कहना है कि अगर सरकार वास्तव में लोगों को राहत देना चाहती है तो यह सुधार अभी से लागू क्यों नहीं किया जा रहा? विपक्ष का आरोप है कि सरकार दिवाली तक का इंतजार इसलिए कर रही है ताकि इसका फायदा आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में उठाया जा सके।