राष्ट्रीय लोक दल (RLD) ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। पार्टी ने बस्ती राजघराने से ताल्लुक रखने वाले राजा ऐश्वर्य राज सिंह को उत्तर प्रदेश का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। अमेरिका में काम करने के बाद भारत लौटे ऐश्वर्य राज सिंह लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं और करीब 10 साल के राजनीतिक संघर्ष के बाद उन्हें पार्टी में यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है।
ऐश्वर्य राज सिंह की नियुक्ति को उत्तर प्रदेश में RLD के संगठन को मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी की नजर आगामी विधानसभा चुनाव पर है और ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर उनकी जिम्मेदारी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की होगी।
कौन हैं Aishwarya Raj Singh?
राजा ऐश्वर्य राज सिंह पेशे से कंप्यूटर इंजीनियर रहे हैं। उन्होंने देश की प्रमुख आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में करीब 11 वर्षों तक काम किया। अपने कॉर्पोरेट करियर के दौरान उन्होंने अमेरिका के मिनियापोलिस (Minneapolis) में भी कई वर्षों तक सेवाएं दीं।
कॉर्पोरेट क्षेत्र में सफल करियर के बाद ऐश्वर्य राज सिंह भारत लौटे और अपनी जड़ों से जुड़ने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वर्ष 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उन्होंने बस्ती सदर विधानसभा सीट से RLD के टिकट पर चुनाव लड़ा। यह चुनाव उनके सक्रिय राजनीतिक सफर में एक अहम पड़ाव माना जाता है।
सियासत और प्रशासन से जुड़ा है परिवार
ऐश्वर्य राज सिंह बस्ती के प्रतिष्ठित पूर्व जमींदार परिवार से आते हैं। उनके परिवार का सार्वजनिक जीवन और प्रशासन से पुराना संबंध रहा है।
उनके पिता राजा लक्ष्मेश्वर सिंह वर्ष 1991 में जनता दल के टिकट पर बस्ती सदर से विधायक चुने गए थे। राजनीति के अलावा उन्हें पर्यावरण के प्रति लगाव के लिए भी जाना जाता है। बताया जाता है कि उन्होंने 10 हजार से अधिक पेड़ लगाए हैं।
ऐश्वर्य राज सिंह की मां असीमा सिंह भी प्रशासनिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुकी हैं। वह 1979 बैच की भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) की वरिष्ठ अधिकारी रही हैं। उन्होंने पूर्वोत्तर रेलवे में मंडल रेल प्रबंधक (DRM) के पद पर काम करने के साथ-साथ IRITM के निदेशक की जिम्मेदारी भी संभाली है।
पढ़ाई से लेकर खेल तक, बहुमुखी प्रतिभा के धनी
राजनीति और कॉर्पोरेट क्षेत्र के अलावा ऐश्वर्य राज सिंह की पहचान शिक्षा और खेल के क्षेत्र में भी रही है। पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्हें विश्वविद्यालय का ‘स्वर्ण पदक’ यानी Gold Medal मिल चुका है।
वह राष्ट्रीय स्तर के बैडमिंटन खिलाड़ी भी रह चुके हैं। इसके अलावा वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। उनके व्यक्तित्व में कॉर्पोरेट क्षेत्र का अनुभव, अंतरराष्ट्रीय Exposure, शिक्षा और खेल से जुड़ा अनुभव एक साथ दिखाई देता है।
2027 से पहले RLD के सामने बड़ी चुनौती
लंबे समय से RLD की संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे ऐश्वर्य राज सिंह को अब पूरे उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी गई है। ऐसे में उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के संगठन को बूथ और जमीनी स्तर तक मजबूत करने की होगी।
RLD के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर उन्हें युवाओं के बीच पार्टी की पकड़ बढ़ाने, संगठन में नई ऊर्जा लाने और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में पार्टी का प्रभाव मजबूत करने पर काम करना होगा। अमेरिका में कॉर्पोरेट अनुभव और लंबे राजनीतिक संघर्ष के बाद मिली यह जिम्मेदारी ऐश्वर्य राज सिंह के लिए प्रदेश की राजनीति में अपनी भूमिका को मजबूत करने का बड़ा अवसर भी है।