खालिस्तानियों ने उड़ाई थी एयर इंडिया की कनिष्क फ्लाइट, 39 साल बाद भी जांच कर रहा कनाडा

नाडा की पुलिस ने कहा है कि एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या-182 को बम से उड़ाने की जांच अब भी जारी है। पुलिस ने इसे आतंकवाद के मामले की सबसे लंबी और सबसे जटिल जांच में से एक बताया है।

पुलिस ने यह टिप्पणी विमान को बम से उड़ाने के 39 साल पूरे होने से तीन दिन पहले की है।

क्या था ‘कनिष्क’ विमान बम विस्फोट मामला

कनिष्क विमान हादसा 23 जून 1985 को हुआ था। इसमें एयर इंडिया की फ्लाइट 182 आयरलैंड के ऊपर अटलांटिक महासागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में विमान में सवार सभी 329 लोग मारे गए थे, जिनमें 280 भारतीय मूल के कनाडाई नागरिक, 27 ब्रिटिश नागरिक और 8 अमेरिकी नागरिक शामिल थे। यह विमानन इतिहास में सबसे घातक आतंकवादी हमला था।

मॉन्ट्रियल-नई दिल्ली एयर इंडिया ‘कनिष्क’ फ्लाइट संख्या-182 में 23 जून 1985 को लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे पर उतरने से 45 मिनट पहले आयरलैंड के ऊपर अटलांटिक महासागर में विस्फोट हो गया था। इससे विमान में सवार सभी 329 लोग मारे गए थे। इस हादसे में विमान में सवार सभी 329 लोग मारे गए थे, जिनमें 280 भारतीय मूल के कनाडाई नागरिक, 27 ब्रिटिश नागरिक और 8 अमेरिकी नागरिक शामिल थे। यह विमानन इतिहास में सबसे घातक आतंकवादी हमला था। यह बम सिख आतंकवादियों ने ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ के जवाब में रखा था। यह अभियान अमृतसर में स्वर्ण मंदिर को आतंकवादियों से मुक्त कराने के लिए 1984 में चलाया गया था।

आतंकवाद संबंधी सबसे भयावह घटना

रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) के सहायक आयुक्त डेविड टेबौल ने एक बयान में कहा कि बम विस्फोट की यह वारदात देश के इतिहास में कनाडाइयों की जान लेने वाली और उन्हें प्रभावित करने वाली आतंकवाद संबंधी सबसे भयावह घटना है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की।

टेबौल ने कहा कि एअर इंडिया बम विस्फोट मामले की तफ्तीश देश के इतिहास में सबसे लंबी और घरेलू आतंकवाद से संबंधित सबसे जटिल जांच में से एक है। उन्होंने कहा, ‘‘घटना संबंधी जांच के हमारे प्रयास सक्रिय रूप से जारी हैं।’’ उन्होंने जोर देकर कहा कि बम विस्फोट का प्रभाव “समय के साथ कम नहीं हुआ है” और इससे उत्पन्न आघात ने पीढ़ियों को प्रभावित किया है।

टेबौल ने कहा, ‘‘हमें इस त्रासदी और अन्य आतंकवादी कृत्यों में हुई निर्दोष लोगों की मौतों को कभी नहीं भूलना चाहिए।’’ वैंकूवर और टोरंटो स्थित भारत के वाणिज्य दूतावासों ने बम विस्फोट की वर्षगांठ पर स्मृति सभाएं आयोजित करने की योजना बनाई है।

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