खामेनेई की मौत पर भड़के मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव, मुसलमानों को दिया ऐसा पैगाम कि मच गया हड़कंप

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में हुई मौत के बाद दुनिया भर में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड ने मुस्लिम जगत में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। इसी कड़ी में अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के सचिव उमरैन महफूज रहमानी ने अपना कड़ा रोष व्यक्त करते हुए इस हमले की घोर निंदा की है। उनका बयान ऐसे समय में आया है जब मिडिल ईस्ट में युद्ध की लपटें बेकाबू हो चुकी हैं।

अमेरिका-इजरायल के खिलाफ फूटा गुस्सा

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव उमरैन महफूज रहमानी ने अमेरिका और इजरायल के इस आक्रामक कदम पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि जिस तरह से इजरायल लगातार गाजा पट्टी और फिलिस्तीन पर अमानवीय हमले कर रहा है और अब ईरान पर यह घातक स्ट्राइक की गई है, उसने पूरी दुनिया की शांति व्यवस्था पर एक बहुत बड़ा और गंभीर सवालिया निशान लगा दिया है।

‘…किसी के आगे सर नहीं झुकाना चाहिए’

हमले पर सख्त ऐतराज जताते हुए रहमानी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, ‘ऐसे कृत्यों की खुलेआम निंदा होनी चाहिए. दुनिया शांति चाहती है, युद्ध नहीं. सच्ची शांति और सुकून लोगों के अपनी सीमाओं में रहने में निहित है. अमेरिका-इजरायल की मनमानी कार्रवाई और ईरान पर उनका हमला पूरी तरह से अस्वीकार्य है.’

खामेनेई के निधन को इस्लाम जगत के लिए एक भारी क्षति बताते हुए उन्होंने आगे कहा, ‘ये बात हमेशा याद रखी जाए कि अयातुल्ला खामेनेई ने बहादुरी के साथ अपनी जान दी है और ये पैगाम देकर गए हैं कि किसी के आगे सर नहीं झुकाना चाहिए.’

हक और बातिल की जंग का किया जिक्र

रहमानी ने यह भी स्पष्ट किया कि खामेनेई का दुनिया से जाना पूरी दुनिया के मुसलमानों के लिए एक गहरा और दर्दनाक आघात है। इस शोक की घड़ी में अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि सही और गलत (हक और बातिल) के बीच का यह संघर्ष सदियों पुराना है। उन्होंने समुदाय के सामने यह अहम सवाल भी उठाया कि मौजूदा चुनौतीपूर्ण हालात में हम अपने लोगों और अपने देश की सुरक्षा कैसे तय करें, क्योंकि विरोधी हमेशा मौका पाते ही नुकसान पहुंचाने की फिराक में रहते हैं।

40 दिन का राष्ट्रीय शोक और परिवार का खात्मा

आपको बता दें कि अमेरिका और इजरायल के इस विनाशकारी हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने की पुष्टि के तुरंत बाद, ईरानी सरकार ने देश भर में 40 दिनों के लंबे राष्ट्रीय शोक का ऐलान कर दिया है। इसके अलावा, ईरान की स्थानीय ‘फार्स न्यूज एजेंसी’ ने सूत्रों के हवाले से यह दर्दनाक जानकारी भी दी है कि इस घातक हमले में केवल खामेनेई ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के चार अन्य करीबी रिश्तेदार भी अपनी जान गंवा बैठे हैं। मरने वालों में उनकी एक बेटी, एक पोता और दामाद भी शामिल बताए जा रहे हैं।

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