AI for Layoffs: आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन तेजी से बढ़ रहे हैं, और इसी के साथ कंपनियों में छंटनी (Layoffs) की खबरें भी आम हो गई हैं। हजारों कर्मचारी अपनी नौकरी खो चुके हैं और कई कंपनियां आने वाले महीनों में और छंटनी करने की तैयारी में हैं। लेकिन क्या सचमुच AI ही असली विलेन है? एक HR प्रोफेशनल के खुलासे ने अब इस सवाल का जवाब दे दिया है।
AI नहीं, बल्कि कम्प्लायंस और परफॉर्मेंस असली वजह
इंस्टाग्राम पर HR प्रोफेशनल अविक ने बताया कि कंपनियां छंटनी का फैसला रातों-रात नहीं लेतीं, बल्कि ये एक लंबी प्रक्रिया का हिस्सा होता है। उन्होंने कहा,
“छंटनी का यह दौर सिर्फ AI ऑटोमेशन की वजह से नहीं है, बल्कि इसके लिए कम्प्लायंस और परफॉर्मेंस भी जिम्मेदार हैं। जो कर्मचारी ट्रेनिंग पूरी नहीं करते या कंपनी के प्रोसेस के हिसाब से नहीं चलते, वे हमेशा टारगेट में रहते हैं।”
ओवरहायरिंग बनी सबसे बड़ी गलती
अविक के अनुसार, ओवरहायरिंग (Overhiring) भी छंटनी की बड़ी वजह है। कोविड-19 और डिजिटलाइजेशन के बूम के दौरान कंपनियों ने तेजी से विस्तार किया।
नई टीमें बनीं, भारी संख्या में कर्मचारी रखे गए और उम्मीद की गई कि यह ग्रोथ लगातार बनी रहेगी।
लेकिन अब जब मार्केट की डिमांड कम हुई है, तो कंपनियों को बजट कम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में AI को विलेन कहना गलत होगा, क्योंकि यह सिर्फ एक टूल है — असली कारण अनियंत्रित विस्तार और लागत नियंत्रण की जरूरत है।
नौकरी जाने से पहले मिलते हैं कई इशारे
अविक का कहना है कि छंटनी से पहले कंपनी कई संकेत देती है, जिन्हें कर्मचारी अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं —
- अचानक वर्कलोड बढ़ जाना या जिम्मेदारियां बदल जाना।
- अहम मीटिंग्स या प्रोजेक्ट्स से बाहर किया जाना।
- मैनेजर का व्यवहार बदलना या काम पर बार-बार खामियां निकालना।
- प्रमोशन या ग्रोथ रोक दी जाना।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे संकेतों का मतलब हमेशा छंटनी नहीं होता, लेकिन अगर स्थिति ऐसी बनती दिखे तो नए अवसरों की तलाश शुरू कर देना समझदारी है।
AI नहीं, इंसानी फैसले असली कारण
AI कंपनियों में उत्पादकता बढ़ाने का माध्यम है, लेकिन असली वजह हैं बिजनेस स्ट्रेटेजी, कॉस्ट कटिंग और हायरिंग में असंतुलन।
इसलिए हर बार जब छंटनी की खबर आती है, तो पूरा दोष AI पर डालना सही नहीं — असल में यह मानव निर्णयों और आर्थिक हालातों का परिणाम होता है।