पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। Abhishek Banerjee से कथित तौर पर जुड़ी 43 संपत्तियों की सूची जारी होने के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। Bharatiya Janata Party ने दावा किया है कि इन प्रॉपर्टी में से कई अभिषेक बनर्जी के परिवार और करीबी सहयोगियों के साथ मिलकर खरीदी गई हैं। वहीं All India Trinamool Congress ने इन आरोपों को पूरी तरह फर्जी और राजनीतिक साजिश बताया है।
KMC के नोटिस के बाद बढ़ा विवाद
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब Kolkata Municipal Corporation ने अभिषेक बनर्जी से जुड़े बताए जा रहे 17 पतों पर नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में कथित अवैध निर्माण और भवन स्वीकृति से जुड़े दस्तावेज मांगे गए हैं।
इन संपत्तियों में हरीश मुखर्जी रोड स्थित ‘शांतिनिकेतन’ नाम का भवन भी शामिल बताया जा रहा है, जिसे अभिषेक बनर्जी का आवास माना जाता है। KMC ने लिफ्ट और अन्य निर्माण कार्यों से संबंधित जानकारी भी मांगी है और सात दिनों के भीतर कथित अनियमितताओं को दूर करने का निर्देश दिया है।
BJP ने लगाए गंभीर आरोप
सूत्रों के अनुसार, अब बंगाल सरकार इन संपत्तियों के असली मालिकों, खरीद में इस्तेमाल धन और संभावित अनियमितताओं की जांच की तैयारी कर सकती है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari ने इस मुद्दे पर TMC को घेरते हुए कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को जेल भेजा जाएगा। उन्होंने दावा किया कि कई प्रॉपर्टी ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ नामक कंपनी के जरिए खरीदी गई हैं। सुवेंदु अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ संपत्तियां सीधे अभिषेक बनर्जी और उनके परिवार के नाम पर दर्ज हैं।
TMC ने कहा- यह राजनीतिक प्रोपेगेंडा
TMC ने BJP की ओर से जारी सूची को ‘फेक’ बताते हुए कहा कि केवल नाम समान होने के आधार पर लोगों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
पूर्व राज्यसभा सांसद Saket Gokhale ने कहा कि यह सूची भ्रामक है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की पुष्टि जरूरी है। पार्टी नेताओं का कहना है कि बताए गए पतों और दस्तावेजों की कोई भी स्वतंत्र रूप से जांच कर सकता है।
सायोनी घोष का नाम आने से बढ़ा विवाद
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब सूची में ‘सायानी घोष’ नाम से जुड़ी एक संपत्ति का उल्लेख सामने आया। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे TMC सांसद Sayoni Ghosh से जोड़ना शुरू कर दिया।
हालांकि सायोनी घोष ने तुरंत सफाई देते हुए किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें बिना सबूत बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और फर्जी खबर फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभिषेक बनर्जी ने दी प्रतिक्रिया
पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि राजनीतिक दबाव या कार्रवाई से वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि चाहे नोटिस भेजे जाएं या घर तोड़ने की धमकी दी जाए, उनकी राजनीतिक लड़ाई जारी रहेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब बंगाल की राजनीति पहले से ही काफी आक्रामक दौर में है। BJP लगातार TMC सरकार के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे उठा रही है, जबकि TMC इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है।