
आखिर जो तय था वह हो गया लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिर गया है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने विपक्ष को जमकर लताड़ा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 5 मार्च 1966 को कांग्रेस ने अपनी वायु सेना से मिजोरम में असहाय नागरिकों पर हमला करवाया। कांग्रेस को जवाब देना चाहिए कि क्या यह किसी अन्य देश की वायु सेना थी। क्या मिजोरम के लोग मेरे देश के नागरिक नहीं थे? क्या उनकी सुरक्षा भारत सरकार की जिम्मेदारी नहीं थी?पीएम मोदी ने कहा कि इनकी पीड़ा, संवेदना सेलेक्टिव है। इनकी सभी बातें राजनीति से शुरू होती है,राजनीति पर खत्म होती है। इन्हें राजनीति के अलावा कुछ नहीं सूझता। मणिपुर में छह साल से जो सरकार है, वह समस्या का हल ढूढ रही है। पहले तो आए दिन बंद होता था, कर्फ्यू लगता था। अब सरकार उसका समाधान खोज रही है। नॉर्थ ईस्ट जिस प्रकार से साउथ एशिया का विकास हो रहा है। हमारा नॉर्थ ईस्ट विकसित होने जा रहा है, इस विकास का केंद्र बिंदू बनने जा रहा है। इसलिए हमारी सरकार ने नॉर्थ ईस्ट को प्राथमिकता दी है। नौ सालों में हमने पूर्वोत्तर के लिए अहम काम प्राथमिकता के साथ किया है।मणिपुर मुद्दे पर विपक्ष द्वारा लाए गे अविश्वास प्रस्ताव पर जवाब देते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष पर एक के बाद एक करारे तंज कसे। पीएम ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव के लिए विपक्ष को पांच साल भी कम पड़ गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर भी आपने कैसे चर्चा की? आपके दरबारी भी सोशल मीडिया पर बहुत दुखी हैं। मजा देखिए। फील्डिंग विपक्ष ने लगाई, लेकिन चौके-छक्के यहीं (सत्तापक्ष) से लगे। इधर तो सेंचुरी हो रही है, लेकिन विपक्ष नो बॉल पर ही चर्चा करता जा रहा है। मैं विपक्ष के साथियों से यही कहूंगा कि तैयारी करके क्यों नहीं आते जी? थोड़ी मेहनत कीजिए। मैंने पांच साल दिए थे आपको तैयारी के लिए। पीएम मोदी ने कहा कि 2018 में मैंने कहा था कि तैयारी करके आना। क्या हाल है आपका? क्या दारिद्र है? विपक्ष के हमारे साथियों को दिखास की, छपास की इच्छा रहती है, स्वाभाविक है। आप ये मत भूलिए कि देश भी आपको देख रहा है। आपके एक-एक शब्द को देश गौर से सुन रहा है, लेकिन हर बार देश को आपने निराशा के सिवा कुछ नहीं दिया। विपक्ष के रवैये पर कहूंगा कि जिनके खुद के बही-खाते बिगड़े हुए हैं, वो भी हमसे हमारा हिसाब पूछते हैं।पीएम मोदी ने आगे कहा कि अविश्वास और गमन इनके रग-रग में बस गया है। वे जनता के विश्वास को देख नहीं पाते। यह जो शुतुरमुर्ग दृष्टिकोण है इसके लिए देश क्या ही कर सकता है… जब घर में अच्छा होता है तो नज़र न लगे उसके लिए काला टीका लगाते हैं। आज देश का जो मंगल, वाहवाही हो रही है उस पर मैं आपका धन्यवाद करता हूं कि काले टीके के रूप में काले कपड़े पहनकर सदन में आकर इस मंगल को सुरक्षित करने का काम किया है।