कर्नाटक विधानसभा में लगी रहेगी सावरकर की तस्वीर? खरगे के बयान पर स्पीकर ने दी सफाई

र्नाटक के सूचना एवं जैव प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खरगे ने हाल ही में सावरकर को लेकर दिए एक बयान से विवाद खड़ा कर दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर अनुमति दी गई तो वह बेलगावी के सुवर्ण सौधा (कर्नाटक विधानसभा) से हिंदुत्व विचारक वी डी सावरकर के आदमकद चित्र को हटा देंगे।उनके इस बयान के कुछ दिनों बाद, कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादर ने कहा कि विधानसभा कक्ष से चित्र को हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए खादर ने कहा, ”मेरी जिम्मेदारी समाज को जोड़ना है, बांटना नहीं। मुझे इस तरह का (चित्र हटाने का) कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। आइए हम अतीत में झांकने के बजाय बेहतर भविष्य के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में काम करें।” खरगे के बयान के बारे में पूछे जाने पर खादर ने कहा, ”सदन में 224 निर्वाचित प्रतिनिधि हैं। प्रत्येक व्यक्ति की एक अलग विचार प्रक्रिया और राय होती है।” डॉ. बीआर अंबेडकर का हवाला देते हुए, स्पीकर ने कहा, “हर किसी को रथ को आगे खींचना चाहिए और अगर वे ऐसा नहीं कर सकते, तो इसे वापस ले जाने के बजाय वहीं छोड़ देना बेहतर है। बाकी लोग इसे आगे बढ़ाएंगे। इसलिए, आइए इसे छोड़ दें और देखें कि भविष्य में क्या करने की जरूरत है।”

दिसंबर, 2022 में कई राष्ट्रीय प्रतीकों के साथ सावरकर की तस्वीर के अनावरण की तत्कालीन विपक्षी पार्टी- कांग्रेस ने आलोचना की थी, जिसने आरोप लगाया था कि यह एकतरफा निर्णय था और इस बारे में उसे नहीं बताया गया था। सावरकर की तस्वीर हटाकर उसकी जगह नेहरू की तस्वीर लगाने की अटकलों के संबंध में एक सवाल पर खादर ने कहा, ‘‘मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है…ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।’’ यह पूछे जाने पर कि अगर ऐसा कोई प्रस्ताव आता है तो वह क्या करेंगे, उन्होंने कहा, ‘‘पहले इसे आने दीजिए…।’’ खादर ने रविवार को कहा था कि विधानसभा कक्ष के अंदर प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर लगाने के प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसकी युवा शाखा ने कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे की हिंदुत्व विचारक वी डी सावरकर के खिलाफ टिप्पणी की निंदा करते हुए शुक्रवार को मुंबई और नागपुर सहित महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता प्रियंक खरगे ने कहा था कि कर्नाटक विधानसभा के कक्ष से सावरकर की तस्वीर को हटाना उचित होगा और अगर अनुमति दी गई, तो वह इसे हटा देंगे। उन्होंने कहा, ‘‘वीर सावरकर को वीर की उपाधि किसने दी? इस पर कोई स्पष्टता नहीं है। अगर वे (भाजपा) जानते हैं, तो वे बताएं। सावरकर अंग्रेजों से पेंशन ले रहे थे या नहीं? उन्होंने पांच से छह बार (अंग्रेजों को) माफीनामा लिखा था या नहीं? उनके परिवार ने माफीनामा लिखा या नहीं।’’

महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने उनकी टिप्पणी की निंदा करते हुए नागपुर में राज्य विधानमंडल परिसर, विधान भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जहां वर्तमान में विधानमंडल का शीतकालीन सत्र चल रहा है। भाजपा के कई विधायक राज्य विधानमंडल की सीढ़ियों पर एकत्र हुए। उन्होंने कर्नाटक के मंत्री की टिप्पणी की निंदा करते हुए नारे लगाए और इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी एवं शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे से प्रतिक्रिया देने के लिये कहा। मुंबई में, भाजपा की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने मध्य मुंबई के दादर में खरगे के खिलाफ प्रदर्शन किया। पड़ोसी ठाणे में कलेक्टर कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया।

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