उत्तर प्रदेश सरकार ने जल आधारित पर्यटन एवं साहसिक क्रीड़ा नीति को मंजूरी दी

मंत्री के मुताबिक, इन्हें कुल 62 वर्षों के लिए लीज पर दिया जाएगा।उन्होंने बताया कि इसके अलावा प्रदेश के विरासती भवनों को पीपीपी मॉडल पर विरासत पर्यटन इकाई के रूप में विकसित किया जाएगा। सिंह के मुताबिक, इन्हें हेरिटेज होटल, हेरिटेज म्यूजियम, हेरिटेज रेस्तरां, होम स्टे, थीमैटिक पार्क, मॉल एक्टिविटी सेंटर, वेलनेस सेंटर समेत अन्य पर्यटन एवं आतिथ्य के रूप में विकसित किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई।उत्‍तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश जल आधारित पर्यटन एवं साहसिक क्रीड़ा नीति (यूपी वाटर टूरिज्म एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स पॉलिसी 2023) को मंगलवार को मंजूरी दे दी। इससे राज्य में जल पर्यटन और साहसिक खेलों के अवसर उपलब्ध होंगे। यहां मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की अध्यक्षता में संपन्न हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। यह नीति राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित तिथि से 10 वर्षों के लिए वैध होगी। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि यह नीति उत्तर प्रदेश में अंतर्देशीय समस्त भू-आधारित, वायु आधारित एवं जल मार्गों, बांधों, जलाशयों, झीलों, नदियों, तालाबों एवं राज्य के अधिकार क्षेत्र के अंदर विभिन्न जल निकायों एवं भूमि खंडों पर की जाने वाली सभी साहसिक गतिविधियों पर लागू होगी।उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में विंध्य व बुंदेलखंड क्षेत्रों में पहाड़ियां, हिमालय के तराई क्षेत्र में लगभग 16,620 वर्ग किमी. के वन क्षेत्र के साथ अनेक सुंदर परिदृश्य, वन विस्तार, बहती नदियां और लुभावने सुंदर झरने, बांध, जलाशय एवं झीलें होने के चलते प्रदेश में जल आधारित पर्यटन एवं साहसिक क्रीड़ा एवं जल क्रीड़ा की काफी संभावनाएं हैं।

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