
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान और पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को तोशाखाना मामले में 3 साल की कैद और 1 लाख पाकिस्तानी रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। सजा के बाद इमरान खान को लाहौर से गिरफ्तार किया गया था।जिला और सत्र न्यायालय इस्लामाबाद में न्यायाधीश हुमायूं दिलावर ने तोशाखाना मामले को रद्द करने के लिए दायर याचिका को खारिज कर दिया। अपनी गिरफ्तारी से पहले इमरान खान ने एक वीडियो शेयर कर कहा कि उन्हें इस गिरफ्तारी का अंदाजा पहले से ही था।इमरान खान ने वीडियो संदेश में कहा, “मेरे पाकिस्तानियों.. जब तक ये वीडियो आप तक पहुंचेगा वे लोग मुझे गिरफ्तार कर चुके होंगे। मेरी आपसे सिर्फ एक ही अपील है कि आपको घरों में चुपचाप नहीं बैठना है। मैं ये जद्दोजहद अपनी जात के लिए नहीं कर रहा.. ये मैं अपनी कौम के लिए कर रहा हूं आपके लिए कर रहा हूं। आपके बच्चों के भविष्य के लिए कर रहा हूं।”
वीडियो संदेश में इमरान खान ने कहा, “अगर आप अपने हकों के लिए नहीं खड़े होंगे तो आप गुलामों की जिंदगी गुजारेंगे और गुलामों की कोई जिंदगी नहीं होती। गुलाम ऐसे होते हैं जैसी चीटियां जमीन पर होती हैं।” उन्होंने पाकिस्तान के नारे का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान का नारा हमें किसी भी इंसान की गुलामी से हमें आजाद करता है। पाकिस्तानी पूर्व पीएम ने कहा कि ये याद रखें कि कोई भी आजादी प्लेट में रखकर नहीं दी जाती। जंजीरों को तोड़ना पड़ता है।
क्या है तोशाखाना मामला?
तोशाखाना मामला पिछले साल पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ईसीपी) की शिकायत पर दायर किया गया था। ईसीपी इससे पहले इसी मामले में खान को अयोग्य करार दे चुकी थी। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) द्वारा खान के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही के लिए तोशाखाना मामले की विचारणीयता को बरकरार रखने के सत्र अदालत के फैसले को रद्द करने के एक दिन बाद यह फैसला आया।
ईसीपी ने 21 अक्टूबर, 2022 को खान को ”झूठे बयान और गलत जानकारी” देने के आरोप में सार्वजनिक पद संभालने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। तोशाखाना कैबिनेट प्रभाग के अंतर्गत एक विभाग है, जहां अन्य सरकारों के प्रमुखों और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा शासकों और सरकारी अधिकारियों को दिए गए उपहारों को रखा जाता है। खान ने तोशाखाना से कुछ उपहार खरीदे, जिनमें एक कीमती घड़ी भी शामिल थी, और उसे लाभ कमाने के लिए बेच दिया।