पुलिस स्मृति दिवस परेड में शामिल हुए सीएम योगी, कहा- यूपी में संगठित आपराधिक गिरोहों की टूटी कमर

मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को रिजर्व पुलिस लाइंस लखनऊ में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस परेड में शामिल होने के बाद पुलिसजनों को संबोधित किया। इससे पहले उन्होंने शोक परेड को सलामी दी।इस दौरान उन्हें शोक पुस्तिका सौंपी गई। डीजीपी विजय कुमार ने शोक पुस्तिका में दर्ज अमर शहीदों के नाम पढ़े। मुख्यमंत्री ने पुलिस शहीद स्मारक स्थल पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को नमन किया। साथ ही शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारीजनों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित भी किया। इस मौके पर सीएम ने कहा कि पुलिस ने अत्यंत विषम और कठिन परिस्थितियों में भी प्रदेश में कानून का राज स्थापित किया। यूपी में संगठित आपराधिक गिरोहों की कमर टूट गई है। ऐसे किसी भी गिरोह का प्रदेश में स्वच्छंद विचरण नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2022-23 में कर्तव्य की बेदी पर प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों में प्रदेश पुलिस बल के तीन बहादुर पुलिसकर्मी शामिल हैं। इन जांबाज पुलिसकर्मियों का यह सर्वोच्च बलिदान हमें निरंतर कर्तव्य पथ पर पूर्ण निष्ठा और दायित्व बोध के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने शहीद पुलिसजनों के परिवार को आश्वस्त किया कि सरकार उनके कल्याण के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ सभी जरूरी कदम उठाने के लिए सदैव तत्पर रहेगी।

उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 2022 से 30 सितंबर 2023 के बीच कर्तव्यपालन के दौरान शहीद पुलिसकर्मियों के साथ केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बलों, अन्य प्रदेशों के अर्द्ध सैन्य बलों, भारतीय सेना में कार्यरत एवं मूलरूप से यूपी के रहने वाले 140 शहीद कार्मिकों के आश्रितों को 38.96 रुपये आर्थिक सहायता दी गई है। प्रदेश के जिलों या विभिन्न इकाइयों में नियुक्त पुलिसकर्मियों की सुख-सुविधा के लिए शासन ने 3.50 करोड़, कल्याण के लिए चार करोड़, कार्यरत और रिटायर्ड पुलिसकर्मियों एवं आश्रितों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए 45.50 लाख तथा पांच लाख से अधिक की चिकित्सा प्रतिपूर्ति संबंधी 63 मामलों के लिए 3.87 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

पुलिस में 1.51 लाख की भर्ती, 1.34 लाख को प्रोन्नति

मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2017 के बाद पुलिस बल में विभिन्न पदों पर 151985 भर्ती की गई, जिनमें से 22044 से अधिक महिला कार्मिक शामिल हैं। इसके साथ ही पुलिस विभाग के विभिन्न विभिन्न पदों पर 134235 कार्मिकों को पदोन्नति भी दी गई। वर्तमान में 65389 पदों पर भर्ती और 11885 पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है। सरकार ने प्रदेश पुलिस बल के बजट में दोगने से अधिक की वृद्धि की। वर्ष 2017-18 में कुल बजट 16115 का था, जो वर्ष 2022-23 में 37109 करोड़ हो गया। पुलिस बल को अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भी बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की गई। वित्तीय वर्ष 2017-18 में इस कार्य के लिए 2.81 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जबकि वर्ष 22-23 में 122.55 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।

मुठभेड़ में मारे गए 190 दुर्दांत अपराधी

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनमानस में सुरक्षा की भावना उत्पन्न करना एवं अपराधियों में कानून का भय पैदा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके तहत मार्च 2017 से सितंबर 2023 तक 190 दुर्दांत अपराधी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। इस कार्रवाई में 5191 अपराधी घायल हुए, वहीं पुलिस बल के 16 जवान शौर्य का प्रदर्शन करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। इस कार्रवाई में 1478 पुलिसकर्मी घायल भी हुए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध में सजा दिलाने में यूपी पूरे देश में लगातार तीन वर्षों से प्रथम स्थान पर है। वर्तमान में 17 नगर निगम तथा गौतमबुद्धनगर को सेफ सिटी के रूप में विकसित करने का काम यूपी पुलिस बल ने अपने हाथों में लिया है। इस मौके पर मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, स्पेशल डीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधकारी एवं अवकाश प्राप्त डीजीपी मौजूद रहे।

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