उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से किसान की आत्महत्या का दुखद मामला सामने आया है। महोबा शहर कोतवाली क्षेत्र के बिलबई गांव में 45 वर्षीय किसान कमलेश रैकवार का शव खेत में बबूल के पेड़ से लटका मिला। परिजनों के मुताबिक, किसान पर करीब दो से तीन लाख रुपये का कर्ज था और अतिवृष्टि के कारण उसकी 15 बीघा जमीन पर बोई गई तिल और मूंगफली की फसल बर्बाद हो गई थी। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
कर्ज और फसल बर्बादी से परेशान था किसान
बिलबई गांव के रहने वाले कमलेश रैकवार खेती करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिजनों के अनुसार, उन्होंने करीब 15 बीघा जमीन पर तिल और मूंगफली की फसल बोई थी। इस बार अत्यधिक बारिश के कारण पूरी फसल खराब हो गई, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा।
फसल बर्बाद होने से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया था। वहीं, गांव के लोगों से लिया गया करीब दो से तीन लाख रुपये का कर्ज भी चुकाना था। परिजनों के मुताबिक, आर्थिक परेशानियों के बीच कमलेश काफी मुश्किलों का सामना कर रहे थे।
रात में बड़े भाई के साथ खेत की झोपड़ी में सोने गए थे
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार (13 अक्टूबर) की रात कमलेश अपने बड़े भाई मनोज के साथ खेत में बनी झोपड़ी में सोने गए थे। बुधवार सुबह जब उनका भाई खेत पहुंचा, तो कमलेश बबूल के पेड़ से लटके मिले। यह देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई।
घटना की जानकारी मिलने पर शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
शहर कोतवाली प्रभारी वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में शोक का माहौल है।