कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार यानी 7 अक्टूबर को INDIA गठबंधन के सांसदों के लिए दिल्ली में लंच का आयोजन किया। हालांकि, समाजवादी पार्टी के सूत्रों ने दावा किया कि सपा को इस लंच के लिए न्योता नहीं मिला। वहीं कांग्रेस की ओर से कहा गया कि सभी विपक्षी सांसदों को आमंत्रित किया गया था। लंच में सपा की गैरमौजूदगी के बाद INDIA गठबंधन की एकजुटता को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गईं।
अब इस पूरे मामले पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है। लखनऊ में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने लंच को लेकर कहा, “लंच डिप्लोमेसी…कोई एक लंच थोड़ी होगा. आने वाले समय में आपको सुनने को मिले कि डिनर डिप्लोमेसी होगी. चाय पर बुलाया जा सकता है. हम सब लोग बैठकर हो सकता है कि समोसा खा रहे हों. फिर कोई समोसे वाला नारा लग जाए. उसमें कोई खराब बात थोड़ी है. डिप्लोमेसी चलती रहेगी इसी तरह.”
सागर रत्ना में जुटे विपक्षी सांसद
मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से आयोजित लंच दिल्ली के जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में रखा गया था। इसमें विपक्षी दलों के कई सांसद शामिल हुए।
लंच में ममता बनर्जी की टीएमसी, आरजेडी, CPM और JMM के सांसदों के साथ निर्दलीय राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल भी मौजूद रहे। हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से कोई नेता इस लंच में शामिल नहीं हुआ।
सपा के लंच से दूर रहने के बाद राजनीतिक गलियारों में INDIA गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक होने को लेकर सवाल उठने लगे।
जयराम रमेश ने कहा- INDIA गठबंधन एकजुट
सपा सांसदों की गैरमौजूदगी पर उठ रहे सवालों के बीच कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि लंच का फैसला बुधवार से एक दिन पहले देर रात लिया गया था और इसकी जानकारी सभी को दी गई थी।
जयराम रमेश ने दावा किया कि INDIA गठबंधन एकजुट है। वहीं अब अखिलेश यादव के बयान में ‘डिनर डिप्लोमेसी’ और ‘चाय पर बुलाने’ की बात सामने आने के बाद गठबंधन को लेकर उठ रहे सवालों पर चर्चा का रुख बदल गया है।
‘मुख्यमंत्री को दिन में नजर आ रहे तारे’
लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “पीडीए की बात सुनकर मुख्यमंत्री को दिन में तारे नजर आ रहे हैं. 80-20 की बात वो ठीक कह रहे हैं. आज भी सुना है कि वो पीडीए के लोगों को धमकी दे रहे थे. धमकी कोई भी समाज स्वीकार नहीं कर सकता.”
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में पीडीए, 80-20 और कथित धमकी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं।