उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की कुल 11 राज्यसभा सीटों पर 16 अक्टूबर 2026 को चुनाव होगा। भारत निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। इनमें उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक सीट शामिल है। उत्तर प्रदेश की 10 सीटों में से आठ पर फिलहाल बीजेपी, एक पर समाजवादी पार्टी और एक पर बहुजन समाज पार्टी के सांसद हैं। इन सीटों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है।
UP की 10 राज्यसभा सीटों पर बदलेंगे समीकरण
उत्तर प्रदेश से जिन राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है, उनमें बीजेपी के अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी और हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं। डॉ. दिनेश शर्मा भी बीजेपी के राज्यसभा सदस्य थे, लेकिन अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उनकी खाली हुई सीट पर भी चुनाव होगा।
इसके अलावा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव और बहुजन समाज पार्टी के रामजी गौतम की राज्यसभा सदस्यता का कार्यकाल भी 25 नवंबर को पूरा हो रहा है। चुनाव आयोग के मुताबिक 16 अक्टूबर को होने वाले मतदान में उत्तर प्रदेश की इन सभी 10 सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी।
BSP के सामने राज्यसभा में भी शून्य होने का संकट
उत्तर प्रदेश की मौजूदा विधानसभा स्थिति राज्यसभा चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण है। राज्यसभा चुनाव में निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं और सीट जीतने के लिए आवश्यक वोटों का निर्धारण विधानसभा की प्रभावी सदस्य संख्या के आधार पर होता है। वर्तमान स्थिति में बहुजन समाज पार्टी का विधानसभा में कोई सदस्य नहीं है। ऐसे में पार्टी के मौजूदा राज्यसभा सांसद रामजी गौतम का कार्यकाल पूरा होने के बाद BSP का राज्यसभा में भी कोई सदस्य नहीं रह सकता है।
यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव विधानसभा चुनाव से पहले हो रहा है, इसलिए इसका राजनीतिक महत्व भी बढ़ गया है। अलग-अलग दलों की विधानसभा में संख्या के आधार पर राज्यसभा सीटों के लिए वोटों का गणित तय होगा।
SP के लिए भी महत्वपूर्ण होगा राज्यसभा चुनाव
समाजवादी पार्टी के लिए भी यह चुनाव महत्वपूर्ण है। पार्टी के पास उत्तर प्रदेश विधानसभा में 101 विधायक हैं। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर राज्यसभा चुनाव में सपा की सीटों का गणित उसके विधायकों की संख्या और मतदान के दौरान होने वाले क्रॉस वोटिंग जैसे घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।
राज्यसभा चुनाव में मतदान Single Transferable Vote और proportional representation की व्यवस्था के तहत होता है। ऐसे में उम्मीदवारों की संख्या, दलों की विधानसभा में प्रभावी संख्या और विधायकों के मतदान का पैटर्न चुनावी नतीजे तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट के लिए चुनाव प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर, नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर और नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर होगी। 16 अक्टूबर को मतदान और उसी दिन मतगणना होगी।