तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अमेरिका यात्रा की अनुमति नहीं मिलने को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उन्हें अमेरिका जाने से रोकना सिर्फ उनका व्यक्तिगत अपमान नहीं है, बल्कि तेलंगाना की करीब 4 करोड़ जनता का अपमान है। उन्होंने दावा किया कि इस फैसले से केंद्र सरकार का तेलंगाना के प्रति कथित भेदभाव साफ दिखाई देता है।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि अमेरिका की यात्रा का उद्देश्य तेलंगाना में निवेश और विकास की संभावनाओं को बढ़ावा देना था। उनके मुताबिक, विदेश यात्रा की अनुमति नहीं मिलने से राज्य के विकास को नुकसान पहुंच सकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि वह इस मुद्दे को देश की संसद में उठाएंगे।
PM Modi से रेवंत रेड्डी ने पूछा सवाल
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने उनके अमेरिका दौरे के प्रस्ताव की समीक्षा की और राजनीतिक कारणों का हवाला देते हुए इसे मंजूरी नहीं दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि अगर उनकी विदेश यात्रा का कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं था, तो उन्हें इंग्लैंड जाने की अनुमति क्यों दी गई, जबकि अमेरिका जाने से रोक दिया गया।
रेवंत रेड्डी ने कहा, ‘विदेश मंत्रालय ने मेरे अमेरिका के दौरे पर जाने को लेकर दिए प्रस्ताव की जांच की और इसमें राजनीतिक नजरिए को मंजूरी देने से इनकार कर दिया, तो मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह पूछना चाहता हूं कि अगर मेरी विदेश यात्रा में कोई राजनीतिक नहीं था, तो मुझे इंग्लैंड जाने की मंजूरी क्यों दे दी गई, लेकिन अमेरिका जाने से रोक दिया गया.’
मुख्यमंत्री ने अपने दौरे को तेलंगाना में निवेश आकर्षित करने और राज्य की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने से जोड़ते हुए कहा कि ऐसी यात्राएं राज्य के लिए कारोबारी अवसर पैदा करने में मदद कर सकती हैं।
Gujarat CM Bhupendra Patel के US दौरे पर उठाए सवाल
रेवंत रेड्डी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को अमेरिका और कनाडा जाने की केंद्र से मिली अनुमति का भी मुद्दा उठाया। सोमवार, 24 अगस्त 2026 को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की विदेश यात्राओं को लेकर सवाल किया।
उन्होंने कहा, ‘गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को वाइब्रेंट गुजरात 2047 इनिशिएटिव के तहत इंवेस्टमेंट का हासिल करने के लिए 17 से 24 अगस्त, 2026 तक अमेरिका और कनाडा के दौरे पर जाने की मंजूरी दे दी गई, लेकिन तेलंगाना राइजिंग 2047 के तहत मेरी प्रस्ताविक अमेरिका यात्रा को मंजूरी देने से इनकार कर दिया गया.’
रेवंत रेड्डी ने इसी अंतर को आधार बनाते हुए केंद्र सरकार पर तेलंगाना के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जब दूसरे राज्य के मुख्यमंत्री को निवेश जुटाने के लिए अमेरिका जाने की अनुमति दी जा सकती है, तो तेलंगाना के मुख्यमंत्री को समान उद्देश्य से यात्रा की मंजूरी क्यों नहीं दी गई।
‘निवेश के लिए आने वाले हर देश का स्वागत करेंगे’
अमेरिका यात्रा रोकने के पीछे कथित राजनीतिक कारणों को लेकर रेवंत रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना में निवेश लाने के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका ही नहीं, बल्कि दुनिया का कोई भी देश अगर तेलंगाना में निवेश करना चाहता है तो राज्य सरकार उसका स्वागत करेगी।
उन्होंने कहा, ‘सिर्फ अमेरिका ही नहीं, दुनिया का कोई भी देश अगर मेरे राज्य में आकर निवेश करना चाहता है, तो भारत सरकार की तरफ से बनाए गए चाहे जो भी नियम हों, हम उन सबका स्वागत करना चाहते हैं, हम उनके इंवेस्टमेंट की रक्षा करना चाहते हैं, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि तेलंगाना को फायदा मिले, इसलिए यह बहुत ही आसान है. सिर्फ यही एकमात्रा राजनीतिक कारण है कि नरेंद्र मोदी ने मुझे तेलंगाना को प्रमोट करने के लिए अमेरिका जाने से मना कर दिया है.’
मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले को तेलंगाना के विकास और निवेश से जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर राजनीतिक भेदभाव का आरोप लगाया है। अब रेवंत रेड्डी के इस बयान के बाद केंद्र और तेलंगाना सरकार के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ने के आसार हैं।