बांग्लादेश इन दिनों गंभीर ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। बिजली उत्पादन में कमी और लंबे Power Cut के बीच बांग्लादेश ने भारत से अतिरिक्त डीजल उपलब्ध कराने की मांग की है। इस मांग को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि नई दिल्ली अपनी जरूरतों, रिफाइनिंग क्षमता और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए बांग्लादेश के अनुरोध पर विचार कर रही है।
बांग्लादेश में ऊर्जा संकट इतना गहरा गया है कि राजधानी ढाका के ग्रामीण इलाकों में 8 से 10 घंटे तक बिजली कटौती की रिपोर्ट सामने आ रही है। बिजली की कमी से निपटने के लिए सरकार को बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालन को सीमित करने जैसे कदम भी उठाने पड़ रहे हैं।
भारत ने बांग्लादेश की Diesel मांग पर क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बांग्लादेश की ओर से अतिरिक्त ऊर्जा आपूर्ति की मांग पर भारत का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, ‘बांग्लादेश के साथ हमारा ऊर्जा सहयोग चल रहा है. जहां तक अतिरिक्त मांग की बात है, तो हम अपनी जरूरतों, अपनी रिफाइनिंग क्षमता और अपनी तरफ उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए इस पर विचार कर रहे हैं.’
MEA के इस बयान से साफ है कि भारत बांग्लादेश की मांग को सीधे खारिज नहीं कर रहा है, लेकिन अतिरिक्त डीजल उपलब्ध कराने से पहले अपनी घरेलू जरूरतों और उपलब्ध क्षमता को प्राथमिकता देगा।
Bangladesh में 8 से 10 घंटे तक Power Cut
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश की राजधानी ढाका के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती का समय 8 से 10 घंटे तक पहुंच गया है। बिजली संकट का असर आम लोगों के साथ-साथ कारोबार और बाजारों पर भी पड़ रहा है।
स्थिति को नियंत्रित करने और बिजली की खपत कम करने के लिए तारिक रहमान सरकार ने शॉपिंग मॉल, दुकानों और बाजारों को रात 8 बजे तक बंद करने का निर्देश दिया है। बिजली उत्पादन में कमी के चलते सरकार की ओर से Load Shedding लागू किए जाने से लोगों में नाराजगी भी बढ़ रही है।
बांग्लादेश को ऊर्जा संकट से निकलने में लग सकते हैं 2 साल
बांग्लादेश के वित्त मंत्री आमिर खुसरु महमूद चौधरी ने 16 अगस्त 2026 को ऊर्जा संकट को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि संकट को पूरी तरह दूर करने में देश को कम से कम दो साल का समय लग सकता है।
उनके मुताबिक, एक Floating LNG Terminal तैयार करने में करीब डेढ़ से दो साल लग सकते हैं। ऐसे में तत्काल तौर पर ऊर्जा संकट का स्थायी समाधान निकालना आसान नहीं होगा।
बिजली संकट का असर देश के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है। कई जिलों में बिजली वितरण कंपनियों के कार्यालयों ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए पुलिस मुख्यालय और कानून-प्रवर्तन एजेंसियों से सहायता मांगी है। लंबे Power Cut और बढ़ती परेशानी के बीच सरकार पर दबाव भी बढ़ता जा रहा है।
ऊर्जा मंत्री ने माना- Load Shedding के अलावा विकल्प नहीं
बांग्लादेश के बिजली, ऊर्जा और खनिज संसाधन मंत्री इकबाल हसन महमूद ने भी सरकार की सीमित क्षमता को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में Load Shedding को संभालने के अलावा सरकार के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘मैं बस इतना ही कहना चाहता हूं, हम काम कर रहे हैं. इस संकट के समय में मैं कुछ नहीं कर सकता, क्योंकि अब मैं गैस नहीं निकाल पाऊंगा और फ्लोटिंग स्टोरेज एंड रीगैसिफिकेशन यूनिट (एफएसआरयू) के बिना, मेरे पास जो गैस है उसे भी नहीं निकाल पाऊंगा.’
बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति में भारत से अतिरिक्त डीजल की मांग को अहम माना जा रहा है। हालांकि भारत ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी घरेलू जरूरतों, रिफाइनिंग क्षमता और उपलब्धता का आकलन करने के बाद ही इस मांग पर फैसला करेगा।