CM Yogi Adityanath: ‘तिरंगा स्वतंत्रता सेनानियों की अमिट गाथा’, गोरखपुर में हजारों लोगों के साथ निकली भव्य Tiranga Yatra

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 10 अगस्त को गोरखपुर में भव्य तिरंगा यात्रा की अगुवाई की। नगर निगम परिसर से रेलवे स्टेशन चौक तक करीब ढाई किलोमीटर लंबी इस यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर निकले लोगों में देशभक्ति का उत्साह नजर आया। यात्रा शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत का तिरंगा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की अमिट गाथा का प्रतीक है।

‘तिरंगा भारत की आन, बान और शान का प्रतीक’

तिरंगा यात्रा के शुभारंभ से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम परिसर में वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पार्चन किया। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में महारानी लक्ष्मीबाई के योगदान और बलिदान को नमन किया।

इसके बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा भारत की आन, बान और शान का प्रतीक है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के अलग-अलग दौर का उल्लेख करते हुए बताया कि स्वतंत्रता सेनानियों ने अलग-अलग समय में विभिन्न प्रकार के ध्वजों के साथ आजादी के आंदोलन को आगे बढ़ाया।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, 1905 में भारत की आजादी का मूलमंत्र स्वदेशी बना था। इसके बाद 1930 के दशक में तिरंगे के बीच चरखे वाला ध्वज स्वतंत्रता सेनानियों के आंदोलन का प्रतीक बना। आजादी मिलने के बाद तिरंगे के साथ सभी राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले चक्र को लेकर राष्ट्रध्वज को स्वीकार किया गया।

‘हर नागरिक के अधिकार से जुड़ा राष्ट्रध्वज’

सीएम योगी ने कहा कि जिस राष्ट्रध्वज को फहराने के अधिकार के लिए कभी नागरिकों को अदालतों तक जाना पड़ता था, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रत्येक नागरिक के अधिकार से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारें नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार नहीं दे पाईं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल फ्लैग कोड में संशोधन कर यह सुनिश्चित किया कि हर नागरिक अपने घर पर राष्ट्रध्वज को सम्मानपूर्वक लगा सके। उन्होंने कहा कि इसका परिणाम है कि आज देश का हर नागरिक तिरंगे को भारत की आन, बान और शान के रूप में अपने घर पर लगा रहा है।

‘महापुरुष और क्रांतिकारी युवाओं के प्रेरणास्रोत’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर की तिरंगा यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के आह्वान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि 2022 में शुरू हुआ यह अभियान हर साल और व्यापक होता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र के महापुरुष और क्रांतिकारी युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत होते हैं। उनके मुताबिक तिरंगा उन्हीं क्रांतिकारियों और महापुरुषों के बलिदान की अमिट गाथा को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि युवाओं से उनके आदर्श छीन लिए जाएंगे तो वे गौरव की अनुभूति से वंचित हो जाएंगे। इसी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर घर तिरंगा का मंत्र दिया है।

मंगल पांडेय से काकोरी ट्रेन एक्शन तक गिनाए बलिदान

सीएम योगी ने कहा कि एक समय तिरंगा भारत की आजादी का मंत्र बन गया था। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े कई प्रमुख क्रांतिकारियों और घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बैरकपुर में मंगल पांडेय ने आजादी की चिंगारी जगाई, जबकि गोरखपुर में बंधु सिंह, झांसी में रानी लक्ष्मीबाई, बिठूर में तात्या टोपे और मेरठ में धनसिंह कोतवाल ने स्वतंत्रता आंदोलन को दिशा दी।

उन्होंने कहा कि आजादी हासिल करने के लिए देश को बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। मुख्यमंत्री ने 1922 की चौरीचौरा की ऐतिहासिक घटना का भी उल्लेख किया और कहा कि इस घटना ने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी।

मुख्यमंत्री ने 1925 के काकोरी कांड का जिक्र करते हुए कहा कि लखनऊ के काकोरी में पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, रोशन सिंह, चंद्रशेखर आजाद, शचीन्द्रनाथ सान्याल और राजेंद्र लाहिड़ी समेत अन्य क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों के कब्जे से देश का धन हासिल करने की कार्रवाई की थी। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने इसे डकैती कहा था, जबकि 1947 से 2022 तक देश में भी इस ऐतिहासिक घटना को डकैती के तौर पर पढ़ाया जाता रहा। मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना को ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ का नाम दिया।

सीएम योगी ने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन में शामिल पंडित राम प्रसाद बिस्मिल को गोरखपुर में फांसी दी गई, जबकि अन्य क्रांतिकारियों को अलग-अलग जेलों में फांसी दी गई। उन्होंने कहा कि इन स्वतंत्रता सेनानियों को वह सम्मान नहीं मिल सका जिसके वे हकदार थे।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर पर्याप्त स्मारक और संस्थाएं नहीं बनाई गईं तथा सड़कों के नामकरण में भी उन्हें उचित सम्मान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि पहले एक परिवार के नाम पर संस्थानों और योजनाओं के नाम रखे जाते थे। मुख्यमंत्री के मुताबिक अब देश में स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों को सम्मान दिया जा रहा है और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान भी इसी सम्मान का एक माध्यम है।

इस साल 5 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील की कि तिरंगा यात्रा में हाथ में लिए गए तिरंगे को अपने घर पर लगाएं और उसके साथ सेल्फी लेकर अपलोड करें। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 5 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य तय किया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के घरों के साथ-साथ सरकारी, अर्द्धसरकारी, निजी, व्यावसायिक और व्यापारिक संस्थानों की इमारतों पर भी तिरंगा फहराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया।

उन्होंने कहा कि इन बलिदानियों ने जाति को ध्यान में रखे बिना राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ काम किया। मुख्यमंत्री के अनुसार तिरंगे, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को सम्मान देकर इन क्रांतिकारियों और वीर आत्माओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया जा सकता है।

राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के अपमान पर सीएम योगी का बयान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत सरकार ने राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के अपमान को संज्ञेय अपराध बनाया है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे राष्ट्र के प्रतीकों का सम्मान करें।

कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, सरवन निषाद, प्रदीप शुक्ल, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष कामेश्वर सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह और पूर्व महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *