NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद और जंतर-मंतर पर जारी CJP के प्रदर्शन के बीच कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की बढ़ती हताशा का संकेत बताते हुए शिक्षा व्यवस्था, NTA और सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि नड्डा की पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में केवल सफाई देने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि सरकार को आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। इसी दौरान उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा, “आप क्रोनोलॉजी समझिए.”
कांग्रेस नेता ने लिखा कि “NEET-UG 2026 का पेपर लीक होना तो बस एक लक्षण है समस्या की जड़ें कहीं ज़्यादा गहरी हैं.” उनके अनुसार, छात्रों का आक्रोश केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा मंत्री की कार्यशैली, केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों और परीक्षा प्रणाली को लेकर भी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को केंद्र सरकार ने देशभर की परीक्षाओं के लिए केंद्रीकृत व्यवस्था के रूप में विकसित किया और विश्वविद्यालयों तथा राज्यों को भी इसी मॉडल को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। जयराम रमेश का दावा है कि NTA की विफलताओं के बावजूद सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री ने NTA में सुधार का आश्वासन दिया था, जिसके बाद राधाकृष्णन समिति का गठन किया गया। समिति ने 101 सिफारिशें प्रस्तुत कीं, लेकिन कांग्रेस नेता के अनुसार सरकार ने उन सुझावों को गंभीरता से लागू करने के बजाय टालमटोल का रवैया अपनाया।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए जयराम रमेश ने कहा कि “धर्मेंद्र प्रधान के लिए सच्चाई से ज़्यादा दिखावा मायने रखता है.” उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशों को भी स्वीकार नहीं किया गया क्योंकि उसमें विपक्षी दलों के सदस्य शामिल थे।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि जब छात्र पेपर लीक और शिक्षा नीतियों के विरोध में सड़कों पर उतरे तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, वॉटर कैनन, आंसू गैस और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पैलेट गन का भी इस्तेमाल किया गया।
अपने बयान के अंत में जयराम रमेश ने दोहराया कि “NEET-UG 2026 पेपर लीक सिर्फ़ एक लक्षण है. समस्या की जड़ बहुत गहरी है.” उनका कहना है कि इस पूरे मामले का समाधान केवल दोषियों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की भी आवश्यकता है।