पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और प्रदर्शनकारियों पर कथित गोलीबारी की घटनाओं के बाद भारत ने पाकिस्तान की आलोचना की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि स्थानीय लोगों की शिकायतों का समाधान करने के बजाय पाकिस्तान प्रशासन दमनकारी कार्रवाई कर रहा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन घटनाओं के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराने की अपील की है।
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान पर लगाए गंभीर आरोप
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि PoJK में चल रहे विरोध प्रदर्शन वहां के लोगों की लंबे समय से चली आ रही नाराजगी का परिणाम हैं। उनके अनुसार, इस क्षेत्र के लोग दशकों से कथित शोषण, बुनियादी अधिकारों की कमी और प्रशासनिक दमन का सामना कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “स्थानीय लोगों की जायज शिकायतों को दूर करने के बजाय पाकिस्तान की सरकार ने पुलिस के जरिए बर्बरता ढाना शुरू दिया. प्रशासन ने बेबस महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाया है, खाना-दवाई जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई रोक दी है, इंटरनेट बंद कर दिया है और निहत्थे नागरिकों पर गोलियां चलाई हैं, जिससे कई लोगों की जान जा चुकी है. हम उम्मीद करते हैं कि दुनिया के बाकी देश इन गंभीर अत्याचारों और गलत हरकतों के लिए पाकिस्तान को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराएंगे.”
मुजफ्फराबाद मार्च की तैयारी, JAAC ने लोगों से की अपील
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने 15 जुलाई को मुजफ्फराबाद की ओर बड़े मार्च का ऐलान किया है। संगठन ने क्षेत्र के लोगों से बड़ी संख्या में इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हालिया अशांति के दौरान कई लोगों की मौत हुई है। JAAC ने दावा किया है कि पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में दो और लोगों की जान गई है। इन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
शांतिपूर्ण रैली पर गोलीबारी का आरोप
रविवार, 12 जुलाई 2026 को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की ओर से आयोजित एक प्रदर्शन रैली के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर गोलीबारी करने का आरोप लगाया गया है।
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रदर्शन में करीब 40 हजार लोग शामिल हुए थे। JAAC का आरोप है कि सुरक्षा बलों की गोलीबारी में कई प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हुए। हालांकि, इन दावों पर पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।