प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया दौरे के दौरान फिलिस्तीन-इजरायल मुद्दे पर भारत का स्पष्ट और पुराना रुख एक बार फिर दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत फिलिस्तीन विवाद के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करता है और इस दिशा में टू-स्टेट सॉल्यूशन को सबसे उपयुक्त रास्ता मानता है। प्रधानमंत्री का यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से साझा किया जा रहा है।
‘बातचीत और कूटनीति ही सबसे प्रभावी रास्ता’
इंडोनेशिया की दो दिवसीय यात्रा के दौरान अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में कूटनीति और संवाद की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान बातचीत के माध्यम से ही संभव है और दुनिया को टकराव के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
फिलिस्तीन पर भारत ने दोहराया अपना पुराना रुख
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में फिलिस्तीन-इजरायल विवाद का उल्लेख करते हुए भारत की लंबे समय से चली आ रही विदेश नीति को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत फिलिस्तीन के मामले में टू-स्टेट सॉल्यूशन और स्थायी शांति का समर्थन करता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि केवल बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए ही स्थायी शांति स्थापित की जा सकती है।
प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि वह संघर्ष और टकराव के बजाय संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता दे। उनका यह बयान भारत की पारंपरिक विदेश नीति और फिलिस्तीन मुद्दे पर लंबे समय से अपनाए गए रुख के अनुरूप माना जा रहा है।
इंडोनेशिया के दो दिवसीय दौरे पर हैं पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय इंडोनेशिया के दो दिवसीय दौरे पर हैं। यात्रा के दूसरे दिन मंगलवार को भी उनका आधिकारिक कार्यक्रम जारी रहा। इससे पहले सोमवार शाम को जकार्ता पहुंचने पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रोबोवो सुबियांतो ने उनका स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग भी प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए मौजूद रहे।