अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में बड़ा फैसला सामने आने की खबर है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के सदस्य और महासचिव रहे चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। वहीं ट्रस्ट के एक अन्य सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। हालांकि दोनों इस्तीफों को लेकर आधिकारिक घोषणा ट्रस्ट की ओर से प्रेस वार्ता में किए जाने की संभावना है।
चंपत राय का इस्तीफा मंजूर, अनिल मिश्रा के फैसले पर संशय
सूत्रों के मुताबिक, अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर विवादों में आए चंपत राय का इस्तीफा ट्रस्ट ने मंजूर कर लिया है। दूसरी ओर, अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है और ट्रस्ट के भीतर इस पर विचार जारी है।
बताया जा रहा है कि ट्रस्ट की बैठक के दौरान चंपत राय और अनिल मिश्रा दोनों मौजूद नहीं थे। दोनों बैठक में शामिल होने नहीं पहुंचे, जबकि उनके इस्तीफों पर चर्चा ट्रस्ट के एजेंडे का प्रमुख हिस्सा रही।
ट्रस्ट की बैठक में चढ़ावा चोरी के मामले पर हुई चर्चा
सोमवार, 6 जुलाई को दोपहर 3:30 बजे महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक शुरू हुई। बैठक की शुरुआत ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने एजेंडा पेश करते हुए की। इस दौरान राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले पर विस्तार से चर्चा की गई।
सूत्रों के अनुसार, स्वामी गोविंद देव गिरी ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर विचार करने का प्रस्ताव भी रखा, जिसके बाद ट्रस्ट के सदस्यों के बीच इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई।
चर्चा से पहले दोनों नेताओं को बैठक से दूर रहने की सलाह
सूत्रों के मुताबिक, बैठक के शुरुआती चरण में यह सुझाव दिया गया कि चंपत राय और अनिल मिश्रा चर्चा से अलग रहें, ताकि पहले ट्रस्ट के सदस्य पूरे मामले पर स्वतंत्र रूप से विचार-विमर्श कर सकें। चर्चा पूरी होने के बाद दोनों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिए जाने की बात कही गई। फिलहाल दोनों बैठक से दूरी बनाए हुए हैं।
महंत नृत्य गोपाल दास ने जताया दुख
सूत्रों के अनुसार, गोविंद देव गिरी के प्रस्ताव के बाद महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि वह पूरे घटनाक्रम से आहत हैं. उन्होंने इसे हिंदुओं की आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता जताई. बैठक में इस पूरे मामले को ‘पाप’ के रूप में भी देखा गया और महंत नृत्य गोपाल दास ने इस घटनाक्रम पर गहरा दुख व्यक्त किया.