‘2017 से पहले कोई जानता भी नहीं था…’, सपा टूटने के दावे पर अखिलेश का पलटवार, ओपी राजभर को दिया करारा जवाब

उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर द्वारा समाजवादी पार्टी में टूट की भविष्यवाणी किए जाने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने राजभर पर निशाना साधते हुए बड़ा दावा किया और उनके राजनीतिक कद पर भी सवाल उठाए।

सपा टूटने के दावे पर अखिलेश का जवाब

लखनऊ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान Akhilesh Yadav ने ओम प्रकाश राजभर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ नेता लगातार चर्चा में बने रहने के लिए ऐसे बयान देते हैं।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले बहुत कम लोग ओम प्रकाश राजभर को जानते थे। साथ ही उन्होंने कहा, “दाना और गाना कब तक चलेगा अफसाना.”

अखिलेश का यह बयान ऐसे समय आया है जब राजभर लगातार समाजवादी पार्टी के भीतर असंतोष और संभावित टूट की बात कर रहे हैं।

क्या कहा था ओम प्रकाश राजभर ने?

Om Prakash Rajbhar ने दावा किया था कि समाजवादी पार्टी में जल्द ही बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है। उन्होंने सपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Ram Gopal Yadav का भी जिक्र किया था।

राजभर ने गोमती रिवर फ्रंट मामले का हवाला देते हुए कहा था कि कोई भी व्यक्ति जेल नहीं जाना चाहता और इसी वजह से राजनीतिक परिस्थितियां बदल सकती हैं।

रविदास मेहरोत्रा ने कहा- सपा का कोई नेता नहीं जाएगा

राजभर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि उनकी बातों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि ओम प्रकाश राजभर अक्सर मंत्री पद पर बने रहने के लिए इस तरह के बयान देते हैं। मेहरोत्रा ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी का कोई भी सांसद, विधायक या नेता पार्टी छोड़कर किसी अन्य दल में नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी जनप्रतिनिधियों को अखिलेश यादव के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है और 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।

रामगोपाल यादव ने भी किया पलटवार

राजभर के बयान पर सपा के वरिष्ठ नेता Ram Gopal Yadav ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजभर को पहले अपनी पार्टी की चिंता करनी चाहिए और समाजवादी पार्टी पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए।

उनकी प्रतिक्रिया के बाद दोनों दलों के नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।

मनीष सिंह ने राजनीतिक ताकत पर उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी के नेता मनीष सिंह ने भी राजभर के बयान को लेकर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पर टिप्पणी करने से पहले ओम प्रकाश राजभर को अपनी राजनीतिक ताकत का आकलन करना चाहिए।

मनीष सिंह ने दावा किया कि राजभर की पूरी पार्टी में जितने कार्यकर्ता और नेता हैं, उससे अधिक संख्या समाजवादी पार्टी के एक ब्लॉक स्तर के संगठन में मौजूद है।

2027 से पहले तेज हुई सियासी बयानबाजी

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीतियां बनानी शुरू कर दी हैं। इसी बीच विपक्ष और सत्तापक्ष से जुड़े नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज होता जा रहा है।

सपा और सुभासपा के बीच जारी यह बयानबाजी आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति को और गर्मा सकती है।

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