भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ताओं को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। उनके मुताबिक समझौते के 99 प्रतिशत बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है और केवल एक प्रतिशत मुद्दों पर बातचीत बाकी है।
इस बयान ने ऐसे समय में ध्यान खींचा है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समय-समय पर टैरिफ को लेकर सख्त रुख अपनाते रहे हैं। इसके बावजूद दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।
सिर्फ 1 प्रतिशत मुद्दों पर अटकी है डील
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, सर्जियो गोर ने बताया कि अधिकांश मुद्दों पर भारत और अमेरिका के बीच सहमति बन चुकी है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट करने से इनकार कर दिया कि आखिर वे कौन से मुद्दे हैं जिन पर अभी अंतिम सहमति बनना बाकी है।
सर्जियो गोर ने कहा, ‘मैं सार्वजिनक रूप से इन चीजों को लेकर बात नहीं करना चाहता हूं, लेकिन एक परसेंट ही ऐसी चीजें बची हैं. यह अविश्वसनीय है कि 99 प्रतिशत चीजों पर रजामंदी हो चुकी है और जब आप लक्ष्य के एकदम करीब हो तो एक परसेंट चीजें अटकी हुई हैं.’
पीयूष गोयल से करेंगे मुलाकात
अमेरिकी राजदूत ने बताया कि वह बचे हुए मुद्दों को सुलझाने के लिए जल्द ही केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करेंगे। उनका कहना है कि बातचीत अंतिम चरण में है और शेष मुद्दों का समाधान जल्द निकल सकता है।
उन्होंने संकेत दिया कि लंबित मुद्दे किसी बड़े नीतिगत मतभेद से जुड़े नहीं हैं, बल्कि तकनीकी और कानूनी प्रक्रियाओं से संबंधित हैं।
दोनों पक्षों को करना पड़ता है समझौता
सर्जियो गोर ने कहा कि किसी भी व्यापारिक समझौते में दोनों पक्षों को कुछ न कुछ रियायत देनी पड़ती है ताकि परिणाम दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित हो सके।
उन्होंने कहा, ‘देखो, ऐसी बातचीत में, हर पक्ष को कुछ देना ही पड़ता है ना? तभी तो यह दोनों पक्षों के लिए लाभकारी स्थिति मानी जाती है.’
भारतीय टीम की जमकर तारीफ
अमेरिकी राजदूत ने भारत की वार्ता टीम की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिनिधियों ने अपने देश के हितों की रक्षा करते हुए प्रभावी तरीके से बातचीत की है।
सर्जियो गोर ने कहा, ‘मैं भारत की प्रशंसा करते हुए कहना चाहूंगा कि आपके पास अविश्वसनीय टीम है.’
उनके अनुसार भारतीय टीम ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मजबूती से अपना पक्ष रखा, जिससे बातचीत चुनौतीपूर्ण जरूर रही, लेकिन इससे भारत के हितों की रक्षा सुनिश्चित हुई।
भारत के सख्त रुख का भी किया जिक्र
सर्जियो गोर ने माना कि कुछ क्षेत्रों में भारत का कड़ा रुख विदेशी कंपनियों और व्यापारिक साझेदारों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार इसी वजह से विदेशी देशों को भारतीय बाजार में प्रवेश करने में अधिक समय लगता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत को लंबा समय लगने के पीछे भी यही एक प्रमुख कारण रहा है।
जल्द हो सकती है बड़ी घोषणा
हालांकि कुछ मुद्दों पर बातचीत अभी बाकी है, लेकिन अमेरिकी राजदूत ने स्पष्ट संकेत दिया कि दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर बड़ी घोषणा हो सकती है, जिसका असर दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों पर व्यापक रूप से देखने को मिल सकता है।