मेरठ की राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का पाल की हत्या का मामला अब राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है। इस घटना को लेकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती और समाजवादी पार्टी (SP) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गहरा दुख जताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
दोनों नेताओं ने अलग-अलग बयान जारी कर घटना को बेहद गंभीर बताया और प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।
मायावती ने बताया झकझोर देने वाला अपराध
बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अनुष्का पाल की हत्या को बेहद दुखद और चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना पूरे समाज को झकझोर देने वाली है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
मायावती ने लिखा, “यूपी के जिला मेरठ की सरधना विधानसभा क्षेत्र के ग्राम चिरोड़ी की लगभग 17 वर्षीय बेटी एंव राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का पाल की बदमाशों द्वारा की गई हत्या की खबर अत्यंत दुःखद एंव चिंताजनक है. यह घटना समाज को झकझोर देने वाली है.”
उन्होंने आगे कहा, “सरकार इस जघन्य अपराध में शामिल सभी दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करे, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके तथा भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृति न हो.”
अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी प्रमुख और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने भी इस मामले को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने प्रदेश में हाल के दिनों में हुई अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए।
अखिलेश यादव ने लिखा, “पश्चिमी उप्र में एशियन गेम्स में चयनित पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या, राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का पाल की हत्या, सूर्या चौहान और एक दूध व्यापारी की हत्या, उप्र की क़ानून व्यवस्था के ठप्प होने का प्रतीक है. ‘गृह’ नामक कोई मंत्रालय यूपी में है क्या या अपराधियों के दुस्साहस को देखकर अंडरग्राउंड हो गया है.”
क्या है अनुष्का पाल हत्याकांड?
मेरठ जिले के दौराला क्षेत्र के चिरोड़ी गांव की रहने वाली 17 वर्षीय अनुष्का पाल 16 अप्रैल से लापता थीं। वह राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी थीं और अपने भाई अनमोल के साथ शोभापुर इलाके में किराए के मकान में रहकर पढ़ाई और खेल प्रशिक्षण कर रही थीं।
जब अनुष्का का कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने कंकरखेड़ा थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
जांच में मिला शव, DNA रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस जांच के दौरान एक नाले से एक शव बरामद हुआ, जिसे अनुष्का का बताया जा रहा है। हालांकि अधिकारियों के अनुसार अंतिम पुष्टि के लिए डीएनए प्रोफाइलिंग कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद शव वास्तव में अनुष्का पाल का है या नहीं।
ऐसे आरोपी तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस ने अनुष्का की कॉल डिटेल और अंतिम लोकेशन की पड़ताल की। जांच में सामने आया कि उनकी आखिरी लोकेशन श्याम धानक नामक युवक के साथ मिली थी।
पुलिस को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पूछताछ के दौरान सख्ती बरतने पर उसने कथित तौर पर अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के मुताबिक श्याम धानक फास्ट-फूड विक्रेता का काम करता था और उसने अनुष्का को कुछ पैसे उधार दिए थे।
जांच एजेंसी का दावा है कि पैसों के लेन-देन को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपी ने अनुष्का की हत्या कर दी। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।