पंजाब सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 1 जुलाई 2026 से ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ लागू करने जा रही है। इस योजना के तहत राज्य की करोड़ों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार (2 जून) को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में योजना की शुरुआत की जानकारी देते हुए बताया कि पात्र महिलाओं को जुलाई से मासिक सहायता राशि मिलनी शुरू हो जाएगी।
52 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री के अनुसार इस योजना का लाभ राज्य की लगभग 52 लाख महिलाओं को मिलेगा। अब तक करीब 35 से 37 लाख महिलाओं के कार्ड तैयार किए जा चुके हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन महिलाओं ने योजना के लिए आवेदन कर दिया है लेकिन उनके कार्ड अभी तक नहीं बने हैं, उन्हें भी निर्धारित राशि सीधे उनके बैंक खातों में मिलनी शुरू हो जाएगी। कार्ड बनने की प्रक्रिया बाद में भी पूरी की जा सकती है।
एससी समुदाय की महिलाओं को मिलेगी ज्यादा सहायता
योजना के तहत सामान्य पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं अनुसूचित जाति (SC) समुदाय की महिलाओं को विशेष प्रावधान के तहत 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।
सरकार का कहना है कि यह योजना महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
बजट में किया गया था बड़ा ऐलान
भगवंत मान सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा पंजाब बजट 2026-27 के दौरान की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने योजना शुरू करने से पहले इसके लिए आवश्यक बजट का प्रावधान सुनिश्चित किया है।
उन्होंने कहा कि यह एक दीर्घकालिक (Long Term) योजना है और वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित होने के बाद ही इसे लागू करने का निर्णय लिया गया।
डीबीटी के जरिए खाते में पहुंचेगी राशि
सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी। इससे प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी और लाभार्थियों को बिना किसी बिचौलिए के आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
कौन-कौन महिलाएं होंगी पात्र?
मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना का लाभ पाने के लिए कुछ आवश्यक पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं।
- आवेदक महिला पंजाब की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
- महिला की आयु कम से कम 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- लाभार्थी का बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य होगा।
- योजना के लिए आवेदन करने वाली पात्र महिलाओं को डीबीटी के माध्यम से राशि प्राप्त होगी।
सरकार का दावा है कि यह योजना राज्य की लाखों महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण में अहम भूमिका निभाएगी।