पंजाब कांग्रेस को मजबूत करने और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने के लिए शुक्रवार (29 मई 2026) को दिल्ली में पार्टी हाईकमान के साथ अहम बैठक आयोजित की गई. लेकिन यह बैठक राजनीतिक रणनीति से ज्यादा नेताओं के आपसी टकराव को लेकर चर्चा में आ गई. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच तीखी बहस हुई, जो केंद्रीय नेतृत्व के सामने खुलकर सामने आई.
राहुल गांधी और खरगे की मौजूदगी में हुई नोकझोंक
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई बड़े नेता मौजूद थे.
सूत्रों के अनुसार, पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा निकाय चुनाव के नतीजों को लेकर बेहद नाराज दिखे. उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की कार्यशैली पर सवाल उठाए और चुनावी प्रदर्शन को लेकर जिम्मेदारी तय करने की मांग की.
बैठक बीच में छोड़कर बाहर निकले प्रताप सिंह बाजवा
बताया जा रहा है कि बहस के दौरान प्रताप सिंह बाजवा नाराज होकर बैठक से बाहर निकल गए. बाहर आने के बाद उन्होंने कहा, ‘मैंने अपनी बात केंद्रीय नेतृत्व के सामने रख दी है.’
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के कई नेताओं ने भी बैठक में यह मुद्दा उठाया कि जिस नेता पर पूरे प्रदेश में पार्टी को जीत दिलाने की जिम्मेदारी थी, वह अपने गृह जिले में भी पार्टी को मजबूत प्रदर्शन नहीं दिला सके.
पंजाब कांग्रेस में मतभेद फिर आए सामने
दिल्ली में बुलाई गई यह बैठक ऐसे समय पर हुई जब पंजाब बीजेपी ने हाल ही में संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए केवल सिंह ढिल्लों को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. इससे पहले सुनील जाखड़ इस पद पर थे, जो कभी कांग्रेस का बड़ा चेहरा माने जाते थे.
कांग्रेस हाईकमान का उद्देश्य पंजाब में पार्टी संगठन को मजबूत करना और नेताओं के बीच चल रहे मतभेद खत्म करना था, लेकिन बैठक के दौरान ही अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई.
निकाय चुनाव में कांग्रेस दूसरे नंबर पर
पंजाब निकाय चुनाव में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है. 102 नगर निकायों में हुए चुनाव में अब तक 1,765 वार्डों के नतीजे सामने आए हैं, जिनमें AAP ने 862 सीटों पर जीत दर्ज की.
वहीं कांग्रेस 348 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही. निर्दलीय उम्मीदवारों ने 242 वार्डों में जीत हासिल की, जबकि शिरोमणि अकाली दल को 169 सीटें मिलीं. राज्य में कुल 1,977 वार्डों के लिए 26 मई को मतदान कराया गया था.