आधी रात लड़कियों के हॉस्टल में मची चीख-पुकार, केन्या स्कूल अग्निकांड में 16 छात्राओं की दर्दनाक मौत

केन्या के नकुरु काउंटी स्थित गिलगिल इलाके में एक गर्ल्स स्कूल के छात्रावास में लगी भीषण आग ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। उतुमिशी गर्ल्स अकादमी में हुए इस दर्दनाक हादसे में अब तक 16 छात्राओं की मौत हो चुकी है, जबकि 70 से ज्यादा छात्राएं घायल बताई जा रही हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।

तड़के हॉस्टल में लगी आग, मची अफरा-तफरी

रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुवार तड़के करीब 3:30 बजे स्कूल की लड़कियों के डॉर्मिटरी में अचानक आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि छात्राओं को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गया।

केन्या रेड क्रॉस के मुताबिक, एम्बुलेंस सेवाएं, आपातकालीन टीमें और मनोवैज्ञानिक सहायता कर्मियों को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया। प्रशासन ने पूरे स्कूल परिसर को अपने नियंत्रण में लेकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

पहले 10 मौतें, फिर बढ़कर हुआ आंकड़ा 16

शुरुआत में प्रशासन ने 10 छात्राओं की मौत की पुष्टि की थी, लेकिन बाद में गंभीर रूप से झुलसी छह और छात्राओं ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अधिकारियों ने बताया कि कई छात्राएं अभी भी गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती हैं।

घायलों का इलाज सेंट जोसेफ अस्पताल समेत कई अन्य चिकित्सा केंद्रों में जारी है। प्रशासन लगातार पीड़ित परिवारों से संपर्क बनाए हुए है।

सरकार ने भेजे काउंसलिंग एक्सपर्ट

हादसे के बाद केन्या के स्टेट डिपार्टमेंट फॉर चिल्ड्रेन सर्विसेज ने प्रभावित छात्राओं, मृतकों के परिजनों, शिक्षकों और राहतकर्मियों की मदद के लिए विशेष काउंसलिंग टीम भेजने की घोषणा की है।

विभाग ने कहा कि हादसे से प्रभावित लोगों के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक सहयोग के लिए मनोसामाजिक सहायता सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

राष्ट्रपति विलियम रूटो ने जताया दुख

केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतक छात्राओं के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि सरकार का पूरा ध्यान राहत कार्य, घायलों के इलाज और प्रभावित परिवारों की सहायता पर है।

साथ ही उन्होंने आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच के आदेश भी दिए हैं।

आग लगने की वजह तलाश रही जांच एजेंसियां

प्रशासन का कहना है कि फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह हाल के वर्षों में केन्या के सबसे दर्दनाक स्कूल अग्निकांडों में से एक माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *