NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील Kapil Sibal ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश में परीक्षा प्रणाली लगातार अव्यवस्थित होती जा रही है और अब “वोटर लिस्ट से लेकर एग्जाम तक हर जगह लीक” हो रहा है।
‘विकसित भारत की बात, लेकिन शिक्षा व्यवस्था बेहाल’
मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कपिल सिब्बल ने कहा कि सरकार विकसित भारत की बात करती है, लेकिन शिक्षा व्यवस्था की हालत बेहद खराब है।
उन्होंने कहा, “हिंदुस्तान विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है. शिक्षित भारत है नहीं लेकिन विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है.”
सिब्बल ने दावा किया कि पेपर लीक की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। उन्होंने 2016, 2021, 2024 और अब 2026 में भी पेपर लीक होने का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
PM मोदी से ‘मन की बात’ करने की मांग
कपिल सिब्बल ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को छात्रों के साथ इस मुद्दे पर ‘मन की बात’ करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री को इसके बारे में बच्चों के साथ मन की बात करनी चाहिए न कि लीक क्यों हो रहा है?”
सिब्बल ने यह भी कहा कि जिन मामलों का खुलासा नहीं हो पाता, उनका क्या होता है और सरकार उन पर जवाब क्यों नहीं देती।
‘2019 में 65 से 70 पेपर लीक हुए’
राज्यसभा सांसद ने दावा किया कि साल 2019 में देशभर में 65 से 70 परीक्षाओं के पेपर लीक हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकतर मामले उन राज्यों में सामने आए जहां बीजेपी की सरकार है।
उन्होंने बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और उत्तराखंड का नाम लेते हुए कहा कि आखिर ऐसा क्यों है कि लगातार इन्हीं राज्यों में पेपर लीक के मामले सामने आते हैं।
शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की उठाई मांग
कपिल सिब्बल ने कहा कि इस मामले में तुरंत FIR दर्ज होनी चाहिए थी और जांच तुरंत CBI को सौंप दी जानी चाहिए थी।
उन्होंने कहा, “मैं तो मानता हूं कि जिस सरकार में भी ये हो रहा है, उनको एक सजा के तौर पर, जो भी शिक्षा मंत्री हैं सबको इस्तीफा देना चाहिए.”
साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि केंद्र सरकार में कोई इस्तीफा देने वाला नहीं है।
छात्रों के भविष्य को लेकर जताई चिंता
सिब्बल ने कहा कि लाखों छात्र सालों तक मेहनत करके परीक्षा देते हैं, जिनमें गरीब परिवारों के बच्चे भी शामिल होते हैं। ऐसे में बार-बार पेपर लीक होने से छात्रों का भविष्य और शिक्षा व्यवस्था दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जो शासन और प्रशासन परीक्षा सही तरीके से नहीं करा सकता, वह देश को कैसे बेहतर तरीके से चला पाएगा।